संभल। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि बवाल के मामलों में किसी निर्दोष को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी दोषी को छोड़ा भी नहीं जाएगा।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 19 और 20 दिसंबर को संभल में बड़ा बवाल हुआ। दो युवकों की जान गई। बवाल में बस फूंकीं गईं और तोड़फोड़ भी हुई। बवाल के संबंध में संभल में 12 मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें कुछ लोग नामजद हैं। लेकिन, अधिकतर व्यक्ति अज्ञात दर्शाए गए हैं उन्हें पुलिस ने अपने मुकदमों में भीड़ बताया है। इन मुकदमों में अब तक 43 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि 59 लोगों के खिलाफ संपत्ति की क्षति की वसूली के नोटिस दिए गए हैं। वहीं 55 लोगों के फोटो बवाल के आरोपी के रूप में जारी किए गए हैं। प्रत्येक फोटो के नीचे पुलिस ने नाम भी लिखे हैं।
इसमें दो फोटो के नीचे लिखा नाम गलत पाया गया है। यानि फोटो किसी और का है और नाम किसी और व्यक्ति का लिख दिया गया। इन मामलों का पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने संज्ञान लिया है। पुलिसकर्मियों की बैठक में पुलिस अधीक्षक ने इसका जिक्र किया है और यह भी कहा है कि अगर बवाल के मुकदमे में किसी व्यक्ति का नाम शामिल किया जाना है तो उसके लिए दो बार सत्यापन करें।
निर्दोष व्यक्ति को आरोपी बनाए जाने पर पुलिस की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पुलिस के जरिए अपने विरोधियों को फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। निर्दोष व्यक्ति न तो गिरफ्तार करें और न ही किसी तरह से परेशान करें। अगर किसी पुलिस कर्मी ने निर्दोष व्यक्ति को परेशान किया तो उस पर कार्रवाई होगी।