चंदौसी(संवाद)। दिवाली पर पटाखों से जलने की घटनाओं को देखते हुए सीएचसी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। सीएचसी में पटाखों से घायल मरीजों के उपचार के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है। जहां चिकित्सकों की भी ड्यूटी की व्यवस्था की गई है।
दिवाली के त्योहार पर हर साल सैकड़ों की संख्या में लोग पटाखे जलाते हैं। पटाखे को आग लगाते समय कुछ लोग शिकार हो जाते हैं। इसमें सबसे ज्यादा बच्चों की संख्या होती है। त्योहारी सीजन पर किसी मरीज को आपात स्थिति में परेशानी नहीं हो। इसके लिए चंदौसी सीएचसी में बर्न वार्ड बनाया गया है। जहां तीन बैड की व्यवस्था की गई है। इस वार्ड में बर्न रोगियों के लिए दवाओं की भरपूर व्यवस्था रहेगी। सीएचसी के सीएमएस डॉ. हरविंदर सिंह ने बताया कि पटाखे से जलने वाले मरीजों के लिए बर्न वार्ड की व्यवस्था की गई है। इस वार्ड में दवाइयां, बैडेज, बर्न केसों को लेकर उपचार के उपकरण की व्यवस्था की गई है। बर्न कैजुअल्टी को लेकर अतिरिक्त ड्रेसिंग सामग्री, दवाओं, इंजेक्शन, एबुलेंस, ट्रॉली सहित दूसरे उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है।
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ये रखे सावधानी:
- हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले पटाखे ही खरीदें।
- पटाखे जलाने के लिए हमेशा बड़े खुले स्थान पर जाएं।
- पानी से भरी बाल्टी और प्राथमिक उपचार का बॉक्स अपने पास रखें।
- पटाखे से जलने पर एंटी सेप्टिक क्रीम घाव पर लगाएं।
- प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
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बच्चों पर विशेष ध्यान
त्योहार के दौरान पटाखों से झुलसने के मामलों में सबसे अधिक बच्चे शिकार बनते हैं। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को पटाखे जलाते समय अकेला न छोड़ें और केवल सुरक्षित व मानक गुणवत्ता वाले पटाखे ही इस्तेमाल करें।
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चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी रहेंगे ऑन कॉल ड्यूटी पर
सीएमएस ने बताया कि दिवाली की रात किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों को ऑन कॉल ड्यूटी पर रखा गया है। साथ ही एंबुलेंस, ट्रॉली और प्राथमिक उपचार सामग्री भी तैयार रखी गई है, ताकि मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके।