संभल। दिवाली पर पटाखे छोड़ते समय शरीर का कोई हिस्सा झुलस जाने पर डॉक्टरों ने सलाह दी है। उनका कहना है कि पटाखे से झुलसे से उस भाग को सिर्फ पानी से धोया जाए। कोलगेट आदि न लगाएं। पानी से धोने के बाद अस्पताल आकर उपचार कराया जाए।जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने कहा कि पटाखे को अगर मोमबत्ती से जलाते हैं तो मोमबत्ती भी गिर जाती है। जिससे हादसा होने का अंदेशा रहता है। इसलिए सावधानी जरूर बरती जाए। बताया कि बच्चों को फूलझड़ी जलवानी है तो पास में ही एक बाल्टी में पानी भरकर रखा जाए। साथ में परिजन भी होने चाहिए। फूलझड़ी जल जाए तो उसे पानी में डाल दिया जाए। उन्होंने कहा कि अगर पटाखे से शरीर का कोई हिस्सा जल जाता है तो उसे पानी से धो लेना चाहिए। उस पर कोलगेट नहीं लगाया जाए। घर में अगर सिल्वर सल्फाडाइजीन क्रीम लगा लें और अगर ज्यादा पीड़ा है तो डॉक्टर को दिखाया जाए।
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.पटाखे से जहां पर जला है उस भाग को पानी से धो देना चाहिए। जिसके बाद डॉक्टर के पास जाकर परामर्श लिया जाए। पटाखा जलाते वक्त बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ.राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस जिला अस्पताल
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.अगर पटाखे से शरीर का हिस्सा जल जाता है उस पर कुछ नहीं लगाना है। कोलगेट आदि लगाने से इंफेक्शन फैलने का खतरा रहता है। सिर्फ जले वाले हिस्से को पानी से धोना है। डॉ.विश्वनाथ, जिला अस्पताल