बहजोई क्षेत्र के गांव आदमपुर में करंट से हुई दो मासूमों की मौत के बाद गुमसुम परिजन। संवाद
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बहजोई थाना क्षेत्र के गांव आदमपुर में रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे टेबल फैन का स्विच बोर्ड में लगाते समय 11 वर्षीय बालक करंट लगने से चीखने लगा। चीख सुनकर पहुंची छह वर्षीय बहन ने भाई का हाथ पकड़ लिया। करंट से भाई-बहन दोनों की मौत हो गई। घटना के समय घर में अन्य कोई परिजन मौजूद नहीं था। दो बालकों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक बालक चार बहनों का इकलौता भाई था।
गांव आदमपुर निवासी राजेश पल्लेदारी कर परिवार का पालन पोषण करता है। रविवार की सुबह नौ बजे राजेश की पत्नी मीना जंगल में पशुओं को घास काटने जा रही थी। उसका 11 वर्षीय पुत्र करन व छह वर्षीय पुत्री लवली भी साथ चले गए। करीब साढ़े नौ बजे गर्मी लगी, तो दोनों भाई-बहन मां को बताकर घर आ गए। घर पहुंचकर करन ने टेबिल फैन का स्विच बिजली के बोर्ड में लगाया, तो करंट की चपेट में आकर चीखने लगा। करन के चीखते ही बहन लवली ने भी भाई का हाथ पकड़ लिया। इससे वह भी करंट की चपेट में आ गई। सुबह 11 बजे घास लेकर घर पहुंची मीना ने दोनों बच्चों को जमीन पर पड़े देखा, चीख निकल गई। मीना ने ग्रामीणों की मदद से अपने पति राजेश को सूचना दी। आनन-फानन में राजेश ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों को गांव में ही एक चिकित्सक के पास ले गया, वहां से चंदौसी रेफर कर दिया। चंदौसी में निजी चिकित्सक ने जांच के बाद दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चों के शव घर पहुंचने पर माहौल और भी ज्यादा गमगीन हो गया। परिजनों ने दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया।
चार बहनों का इकलौता भाई था करन
राजेश के एक बेटा चार बेटियां थी। हादसे में एक बेटा, एक बेटी की मौत हो गई है। तीन बेटियां बची हैं। इकलौते बेटे की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। राजेश के घर पर ढांढस बंधाने के लिए ग्रामीणों का तांता लग गया।