चंदौसी। गांव गुमथल में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में 27 वर्षीय युवक को अपनी जान गंवानी पड़ गई।
गांव गुमथल निवासी राहुल प्रजापति मंगलवार रात को खाना खाने के बाद अपनी गर्भवती पत्नी आरती और दो मासूम बच्चियों मानसी (5) व स्वीटी (2) के साथ घर के आंगन में गद्दा बिछाकर सो गया था। रात करीब 11 बजे उसके सीधे हाथ पर किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य बिच्छू का डंक समझा और घर पर ही दर्द कम होने का इंतजार करने लगे।
रात करीब तीन बजे जब राहुल के पूरे शरीर में तेज जकड़न और असहनीय दर्द शुरू हुआ, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में उसे सीएचसी चंदौसी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत संभल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल से निकलने के बाद परिजन अंधविश्वास के जाल में फंस गए।
वे राहुल को सीधे किसी बड़े अस्पताल ले जाने के बजाय रात भर मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में झाड़-फूंक कराने के लिए भटकते रहे। लगातार जहर फैलने और सही इलाज न मिलने के कारण कल देर रात राहुल की मौत हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह परिजन शव को लेकर बदायूं के कछला घाट पहुंचे, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। पति की मौत के बाद से गर्भवती पत्नी आरती और दोनों बच्चियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि युवक को सीएचसी में भर्ती कर उसका उपचार किया जा रहा था। लेकिन परिजन उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने की कहने लगे और अपनी मर्जी से लिखकर अस्पताल से रेफर कराकर युवक को सीएचसी से ले गए।