सोमवार को गांव में मेला लगाने के लिए दुकानदार पहुंचने लगे लेकिन अभी तक पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान के पक्ष में विवाद का अंदेशा खत्म नहीं हुआ है। इसे लेकर प्रशासन ने सतर्कता दिखाई है। उप जिलाधिकारी ने गांव के दोनों पक्षों के लोगों को 5-5 लाख रुपये के निजी मुचलकों से पाबंद कर दिया है।
एसडीएम ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति शांति व्यवस्था को खतरा पहुंचता है तो उससे 5 लाख रुपये जमा कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर गांव में शांति व्यवस्था भंग होती है और पाबंद किए गए चालीस लोग जिम्मेदार पाए जाते हैं तो इन सभी से पांच-पांच लाख रुपये जमा कराए जाएंगे। इन लोगों ने रुपये नहीं जमा किए तो भू-राजस्व की भांति वसूली की जाएगी। वहीं प्रशासनिक अधिकारी गांव में लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं।ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा सके।
यह है विवाद
ओबरी में 10 नवंबर को चेहल्लुम है। इसके बाद चार दिन तक उर्स चलता है। इस उर्स को परंपरागत तरीके से ग्राम पंचायत आयोजित करती है और कर्ताधर्ता प्रधान और पंचायत सचिव होते हैं। इस बार पूर्व और वर्तमान प्रधान के पक्ष में वर्चस्व की जंग के आसार बन रहे हैं। इससे सतर्क होकर सीओ तथा एसडीएम रविवार को गांव गए थे। गांव में दोनों पक्षों की बैठक की।
सीओ ने बताया कि हमने साफ कहा है कि दोनों पक्ष आपस में विवाद को निबटा लें, अन्यथा की स्थिति में प्रशासन कार्रवाई करेगा। प्रशासन ने तय किया है कि मेला तो लगेगा लेकिन इसमें प्रधान और पूर्व प्रधान की दखलअंदाजी नहीं होगी, बल्कि सरकारी तंत्र अपनी देखरेख में मेला लगाने पर विचार करेगा। यदि इस तरह के प्रारूप में शांति व्यवस्था को खतरा हुआ तो अगला निर्णय लिया जाएगा।