गांव कोकावास निवासी हदीश ने डीएम को भेजे शिकायतीपत्र में बताया कि उसने नाबार्ड योजना के तहत 50 हजार रुपये के लोन के लिए आवेदन एक ग्रामीण बैंक से किया था।
लोन स्वीकृत होने के बाद उसने अपने खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए थे। जब 27 मार्च को वह शेष 25 हजार रुपये निकालने के लिए गया, तो कैशियर ने निकासी फार्म अग्रसारित करते हुए उसे बैंक मैनेजर के पास भेज दिया। जब वह बैंक मैनेजर के पास गया, तो उन्होंने निकासी फार्म पर रोक लगा दी और छह हजार रुपये की मांग की। साथ ही झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। डीएम को दिए शिकायती पत्र में कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।