चंदौसी। निजीकरण के विरोध में सरकारी व सहकारी बैंकों की हड़ताल रही। जिले में करीब 70 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। तीन दिनों से बैंक शाखा बंद होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। उपभोक्ता एटीएम के चक्कर लगाते रहे।
बैंकों के निजीकरण के विरोध में सभी सरकारी और सहकारी बैंकों की सोमवार को हड़ताल रही। जनपद के संभल, चंदौसी, गुन्नौर, बहजोई व ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी और सहकारी बैंकों की करीब 80 शाखाएं हैं। इनमें रोजाना करीब 70 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। इससे पहले शनिवार व रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते बैंक शाखाएं बंद थी। बैंक यूनियन पदाधिकारी अनिल दुबे ने बताया कि सरकार ने आगामी बजट में सहकारी बैंकों का निजीकरण करने का निर्णय लिया है। सभी बैंक इसका विरोध करती हैं। साथ ही सरकारी से मांग करती है कि सहकारी बैंकों को भी सरकारी घोषित किया जाये। निजीकरण में कर्मचारियों का उत्पीड़न होगा। सरकारी अपना फैसला नहीं टालती, तो बैंक कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मंगलवार को भी बैंकों की हड़ताल जारी रहेगी।