बहजोई में निकाली गई शाही सवारी में नंदी पर विराजमान शिव व नृत्य करते कलाकार। संवाद
बहजोई। बैंड-बाजों की धुनों व ढोल-नगाड़ों की थापों के बीच नगर में बाबा महाकाल की शाही सवारी धूमधाम से निकाली गई। बाबा महाकाल की झांकी आकर्षण का केंद्र रही।
सोमवार को श्री महाकाल शृंगार मंडल समिति बहजोई-चंदौसी की ओर से सुबह को सबसे पहले रेलवे रोड स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर में बाबा महाकाल की शाही सवारी निकालने के लिए तैयारियां शुरू हो गईं। आयोजकों व श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। महाआरती की गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे बाबा महाकाल की शाही सवारी की शुरूआत हुई। इसमें पहले बैंड-बाजे से निकल रही भक्तिगीतों की धुनों पर श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए चल रहे थे। इसके बाद बड़े रूप में शिवलिंग की झांकी व नंदी पर सवार शिवजी की झांकी दर्शकों को लुभा रही थीं। साथ ही नृत्य करते शिव के गण स्वरूप कलाकार कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे थे।
इसके अलावा बाबा महाकाल की पालकी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा पुरानी सब्जी मंडी, बर्तन बाजार, पुराना बाजार, नया बाजार चौक, कोतवाली रोड, हलवाई गई, नारायन टोला व इस्लामनगर चौराहा होते हुए गांव सादातबाड़ी के प्राचीन पातालेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पहुंचकर पूरी हुई।
बहजोई में निकाली गई शाही सवारी में नंदी पर विराजमान शिव व नृत्य करते कलाकार। संवाद