संभल। फ्रिज खरीदा लेकिन उसमें खराबी रही। वारंटी अवधि में भी फ्रिज में इस खराबी को दूर नहीं किया जा सका। इस पर जिला उपभोक्ता आयोग पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। आयोग ने फ्रिज को बदलने और उसकी कीमत, क्षतिपूर्ति सहित वापस करने का आदेश दिया लेकिन एक साल बाद तक न फ्रिज बदला गया और न उसकी कीमत मिल पाई। इस पर आयोग ने निर्माता कंपनी के इंडिया चेयरमैन की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के अनुसार संभल चंदौसी चौराहा निवासी मसूद आलम ने 11 अगस्त 2019 को इलेक्ट्रानिक हब बुध बाजार मुरादाबाद से 70 हजार रुपये का एक फ्रिज खरीदा था। आरोप है कि फ्रिज कूलिंग नहीं कर रहा था और उससे आवाजें आ रहीं थीं। करंट भी आता था। शिकायत की गई लेकिन निर्माता कंपनी एवं डीलर में उपभोक्ता की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया।
परेशान होकर उपभोक्ता ने अधिवक्ता देवेंद्र वार्ष्णेय के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग संभल में परिवाद दायर किया। आयोग ने 23 मई 2025 को कंपनी को आदेश दिया कि वह दो माह के अंदर फ्रिज बदले या उसकी कीमत वापस करें। साथ ही रुपये पांच हजार रुपये क्षतिपूर्ति के लिए उपभोक्ता को अदा करें। लेकिन निर्माता कंपनी ने आयोग के आदेश का पालन नहीं किया।
सुनवाई के दौरान जिला आयोग ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट के इंडिया अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक के कृत्यों अवमानना मानते हुए गैर जमानती वारंट जारी कर गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।