मोहल्ला पजाया में सरकारी जमीन से 31 साल पुराना कब्जा हटाए जाने से लोग भड़क गए। पहले कब्जे के आरोपियों की ओर से महिलाओं ने शोर शराबा किया फिर नगर पालिका, पुलिस की टीम के साथ रहे भाजपा नेता को पकड़ लिया।
लोगों ने भाजपा नेता की पिटाई कर दी और जेसीबी को घेर लिया। इस बीच आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया, लाठियां फटकार कर लोगों को तितर-बितर किया। इसी आपाधापी में पुलिस का एक कांस्टेबल गिरकर घायल हो गया।
पुलिस ने मुश्किल से हालात पर काबू पाया था कि, एक अन्य मोहल्ले में दूसरे समुदाय के दुकानदार की पिटाई कर सामान फेंक दिया गया। सूचना पर फोर्स सक्रिय हुई, एसपी-पुलिस के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तो एक समुदाय के लोग पुलिस से भिड़ गए। इस पर पुलिस ने यहां डंडा फटकार कर हालात पर काबू पाया।
बाद में नगर में रूट मार्च निकाला, मिश्रित आबादी में तकरीबन सात-आठ प्वाइंट पर फोर्स तैनात कर दी गई है। इधर, अफवाहें उड़ने से दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिर गए। दोनों समुदायों की ओर से थाना पुलिस को तहरीर दी गई है।
शनिवार शाम करीब सवा पांच बजे नगर के मोहल्ला पजाया में पुलिस और प्रशासन की टीम अवैध कब्जा हटवाने पहुंची थी। इस दौरान कब्जे के आरोपियों की ओर से कुछ महिलाओं ने शोर-शराबा करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि, इसी दरम्यान कब्जा हटवाने वाली टीम के साथ दिखे भाजपा नेता अमित मोदी के साथ कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। आसपास मौजूद पुलिसकर्मी मौके की ओर दौड़े तो मारपीट कर रहे लोग भागे। इधर, कुछ लोग अवैध कब्जा हटा रही जेसीबी की तरफ दौड़े तो पुलिस ने मोर्चा संभाला।
उपद्रव कर रहे लोगों को लाठी फटकार कर तितर-बितर किया। इस दरम्यान एक कांस्टेबल गौरव कुमार भागदौड़ में गिरकर घायल हो गया। इधर, युवक से मारपीट की घटना नगर में फैली तो नारायन टोला स्थित दूसरे समुदाय के व्यक्ति की जनरल स्टोर की दुकान का सामान बाहर फेंक दिया गया। दूसरे समुदाय के एक युवक साजिद ने पुलिस को यह जानकारी दी। '
बताया कि, कुछ लोगों ने उससे मारपीट कर मोहल्ला नारायन टोला में उसकी दुकान का सामान फेंक दिया है। इस पर कोतवाल सुनील अहलावत और सिटी इंचार्ज रणवीर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों के बाहर बिखरे पड़े सामान के बाबत जानकारी कर ही रहे थे कि, कुछ लोग भाजपा के युवा नेता अमित मोदी के साथ मारपीट में घायल होने को लेकर पुलिस से नोकझोंक करने लगे।
नौबत खींचातानी तक आ पहुंची। कोतवाल ने पीएसी समेत अन्य दंगा नियंत्रण फोर्स को बुला लिया और मोहल्लों के लोगों को दौड़ाया।