गोवंशीय पशु की हत्या के मामले में नामजद आरोपी के घर पुलिस के दबिश देने पर बवाल हो गया। धर्मग्रंथ की बेहुरमती का आरोप लगाते हुए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और मोहल्ला दीपासराय से कुछ दूरी पर बल्ले की पुलिया पर जाम लगा दिया। समझाने पहुंचे एसडीएम और सीओ को भीड़ ने घेर लिया।
एसडीएम के अर्दली ने समझाने की कोशिश की तो उसे लाठी-डंडों से बुरी तरह पीट दिया। फायर भी किया गया। खुद को घिरता देख एसडीएम-सीओ ने मस्जिद के अंदर घुसकर अपनी जान बचाई। इसके बाद भीड़ ने असमोली पुलिस की जीप पर पथराव कर दिया, जीप पर लाठियां बरसाईं। जिसमें एसओ समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए।
बचाव में पुलिस ने भी पत्थर फेंके। बताते हैं कि पुलिस की ओर से फायर कर अर्दली को छुड़ाया गया। हालांकि फायर से पुलिस ने इंकार किया है। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ बवाल करीब ढाई घंटे तक चलता रहा। इस दौरान पुलिस बैकफुट पर नजर आई।
मोहल्ला दीपासराय निवासी इदरीश और गप्पू गोवंशीय पशुओं की हत्या के आरोप वांछित हैं। बुधवार को नखासा पुलिस गप्पू की तलाश में करीब 11 बजे उसके भाइयों के घर पहुंच गई। गप्पू नहीं मिला तो पुलिस लौट गई। बताते हैं कि कुछ देर बाद परिजनों ने पुलिस पर घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और धर्मग्रंथ की बेहुरमती का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्र हो गए।
तकरीबन बारह बजे कुछ दूर बल्ले की पुलिया पर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगा दिया। सूचना पर एसडीएम राशिद अली खां और सीओ बीपी सिंह पहुंचे तो कुछ लोग हमलावर हो गए। आरोप है कि, एसडीएम और सीओ को महिलाओं ने चप्पलें दिखाईं, लाठी डंडे लेकर निकल आईं। एक महिला ने प्रधानमंत्री मोदी हाय-हाय के नारे भी लगाए।
इस बीच एसडीएम के अर्दली जैत सिंह ने लोगों को शांत करने की कोशिश की तो बेकाबू भीड़ अर्दली पर टूट पड़ी। लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा। फायर की आवाज पर एसडीएम और सीओ जान बचाकर भागे। पास में स्थित एक मस्जिद में घुस कर जान बचाई। इस बीच घटनास्थल पर असमोली पुलिस की जीप पहुंची तो पथराव हो गया। जिससे जीप का शीशा टूट गया।
भीड़ ने पुलिस को घेर लिया, गाड़ी के ऊपर लाठी बरसाने लगे। हमलावर भीड़ से खुद को बचाने के लिए पुलिस की ओर से एक फायर किया गया। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने अर्दली को हमलावरों के चुंगल से छुड़ाया। पथराव में असमोली के थानाध्यक्ष कुंज बिहारी मिश्रा, नखासा थानाध्यक्ष संजय प्रताप सिंह, सिपाही हेमपाल सिंह, जरीफुद्दीन, चंद्रशेखर घायल हो गए हैं।
इधर, सीओ और एसडीएम हिंदू-मुस्लिम आबादी के बार्डर पर खग्गू सराय में छंगामल कोठी के पास पहुंचे तो दोबारा पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। चार-पांच मिनट तक पुलिस पर पत्थर फेंके गए, बचाव के लिए कुछ पुलिसकमियों को भी पत्थर फेंकना पड़ा। आखिरकार पुलिस को उल्टे पांव यहां से भागना पड़ा। ढाई घंटे तक पूरा मोहल्ला बवालियों के कब्जे में रहा।
धड़ाधड़ गिरे दुकानों के शटर
बल्ले की पुलिया पर पथराव और बवाल की सूचना जल्द ही पूरे नगर में फैल गई। डर की वजह से दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। जल्द ही पूरा बाजार बंद हो गया, बैंकों की शाखाओं तक के शटर गिर गए। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर संभल के साथ अमरोहा, मुरादाबाद के थानों की पुलिस और एसपी बालेेंदु भूषण मौके पर पहुंच गए। हालात खराब थे, बल्ले की पुलिया पर खड़ी भीड़ पथराव कर रही थी। एसपी की बातें भी सुनने के लिए तैयार नहीं थी।
पुलिस हटने के बाद हटी भीड़
एसपी ने हालात को भांपते हुए दीपासराय में पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क से उनके घर पर वार्ता की। वार्ता में एसपी ने दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस को डॉ. बर्क को मोहल्ले से पुलिस को हटाने का भरोसा भी देना पड़ा। इसके बाद बल्ले की पुलिया से भीड़ हटी। इसके बाद करीब 2.30 बजे जाम खुल गया। दो घंटे तक सड़क पर बवाल होता रहा।
हिंदू समुदाय के लोग भी भड़के, पुलिस पर लगाया बैकफुट पर आने का आरोप
इसके बाद उस वक्त एक बार फिर तनाव फैल गया जब मुस्लिम समाज के लोगों को समझा बुझाकर पुलिस दीपासराय से लौटी तो हिंदू समुदाय के कुछ लोग भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर पिटने के बाद बैकफुट पर आने का आरोप लगाया।
कुछ लोगों ने एसपी के खिलाफ नारेबाजी की। छंगामल कोठी के निकट हंगामा किया। सीओ ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। घायल पुलिसकर्मियों ने जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। असमोली के एसओ ने फायर करने से इनकार किया है।