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Sambhal News: फर्जी बीमा पॉलिसी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार

Mon, 05 May 2025 12:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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चंदौसी (संभल)।
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थाना रजपुरा पुलिस ने फर्जी बीमा पॉलिसी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है। गिरोह के अन्य सदस्य पूर्व में जेल भेजे जा चुके हैं। यह गिरोह मरणासन्न या मर चुके लोगों का फर्जी बीमा करा कर क्लेम की मोटी रकम हड़प लेता है। एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने बताया कि थाना रजपुरा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फर्जी बीमा करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सदस्य दीशू उर्फ हर्षित शर्मा निवासी चेयरमैन वाली गली छतरी मोहल्ला बबराला थाना गुन्नौर को गिरफ्तार किया है। एएसपी बताया कि आरोपी दीशू उर्फ हर्षित शर्मा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह अपने साथी रवि शर्मा जो जेल में है, के साथ ही काम करता है। इनका एक गिरोह है। जिसमें काफी लोग जुड़े हैं। जो गरीब लोगों को माध्यम बनाते हुए उनके मरणासन्न और मर चुके परिजनों की फर्जी बीमा पॉलिसी कराकर विभिन्न कंपनी जैसे आईसीआईसीआई प्रूडिंशनल, पीएनबी मेटलाईफ, बजाज अलायंस, एसबीआई जीवन बीमा आदि को आर्थिक हानि पहुंचाते हैं और बीमा की रकम हड़प कर लेते हैं। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
इस मामले में शामिल था आरोपी दीशू उर्फ हर्षित शर्मा
चंदौसी। एएसपी ने बताया कि आरोपी ने एटा के अवागढ़ थाना क्षेत्र के कटेलिया निवासी कमल सिंह की बीमार पत्नी सुनीता की फर्जी बीमा पाॅलिसी टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में पॉलिसी 16 अगस्त 2024 को करवाई गई थी। इसके लिए आरोपी ने सुनीता के आधार कार्ड में फर्जी पता सी ब्लॉक राजीव नगर मंडोली सबोली नई दिल्ली दर्शाया। इस पॉलिसी में नॉमिनी सुनीता के पति कमल सिंह हैं। गिरोह के सदस्यों ने कमल सिंह को आर्थिक सहायता देने के बहाने उसके आधार व पैन कार्ड प्राप्त कर लिए थे। साथ ही आधार कार्ड का पता अवागढ़, जलेसर एटा को फर्जी तरीके से संशोधित कर लिया और कमल सिंह का खाता यस बैंक अनूपशहर की शाखा में खुलवा दिया। खाते के बारे में कमल सिंह को भी जानकारी नहीं थी। इस बीच 26 सितंबर 2024 को बीमारी के चलते सुनीता की मृत्यु हो गई। इसके बाद गिरोह के सदस्यों ने बीमा क्लेम के लिए पति कमल सिंह को नोएडा बुलवाया और हस्ताक्षर करा लिए। 13 जनवरी 2025 को खाते से चेक के माध्यम से पांच लाख रुपये यस बैंक अनूपशहर से निकलवा लिए। बैंक में जानकारी करने पर पता चला कि कमल सिंह के खाते की केवाईसी व सेल्फ चेक के माध्यम से पांच लाख की रकम का भुगतान नितिन चौधरी, जो इसी मामले में जेल में है के द्वारा किया गया था। नितिन चौधरी बैंककर्मी है।
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18 जनवरी को सामने आया था मामला, दो आरोपी जेल भेजे चुके
एएसपी दक्षिणी अनुकृति शर्मा ने बताया कि इस प्रकरण की शुरुआत 18 जनवरी 2025 से शुरू हुई थी। इस मामले में दो आरोपी ओंकारेश्वर मिश्रा और अमित को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा था। जिनसे 11.50 लाख रुपये का कैश मिले थे। जिसमें से पांच लाख रुपये जिनकी गड्डियों पर यस बैंक शाखा अनूपशहर लिखा हुआ था प्राप्त हुए थे। इसके बाद यस बैंक शाखा अनूपशहर से ऐसे खातों की जानकारी मांगी गई थी, जिनसे 26 दिसंबर 2024 के बाद एक लाख रुपये निकाले गए थे। बैंक ने चार खातों की जानकारी दी थी। जिसमें एक खाता कमल सिंह के नाम का था। जबकि दो खाते सही थे। खाते में राजू नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर था। जिसकी जानकारी करने पर पता चला कि राजू नाम के व्यक्ति के नाम पर दीशू ने सिम लिया है।
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