परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
शुक्रवार की सुबह जब ब्रजपाल का शव घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ब्रजपाल की पहली पत्नी की मृत्यु हो गई। जिससे दो बेटे जितेंद्र व रवेंद्र और दो बेटियां हैं। जिनकी शादी हो चुकी है। जबकि दूसरी पत्नी उर्मिला देवी से तीन बेटियां सरस्वती, सोनम व मोना हैं। छोटी बेटी मोना 12 साल की है। बेटियां पिता की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं।
आंखों देखी : हम घाट की ओर जा रहे थे, उधर से भीड़ दौड़ती हुई आ रही थी
चंदौसी। मृतक ब्रजपाल के गांव के ही उल्फत ने बताया कि 28 जनवरी की रात को वह ब्रजपाल व साथ आए अन्य लोगों के साथ संगम घाट की ओर जा रहे थे। रास्ते में पहुंचे ही थे कि सामने से लोग भागते हुए आ रहे थे। इससे पहले वह कुछ समझ पाते। भीड़ की धक्का मुक्की में ब्रजपाल जमीन पर गिर गए। उल्फत ने उनको बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण पलभर में ब्रजपाल भीड़ में नजर नहीं आए। अधिक भीड़ देख कर उन्होंने तत्काल वहां से दौड़ कर एक पंडाल पहुंचे और खुद को सुरक्षित किया। कुछ देर बाद जब मौके पर पहुंचे, जहां ब्रजपाल बेहोशी की हालत में पड़े थे। अन्य ग्रामीणों की मदद से उन्हें अपने पंडाल में ले गए।