सरायतरीन। पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव धुरैटा और मिलक धुरैटा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति एवं शोषित वर्ग उद्यान समिति के जिला महामंत्री अमरीश कुमार ने डीएम को शिकायती पत्र देकर चकबंदी प्रक्रिया निरस्त कराने की मांग की है।
उनका आरोप है कि शासन के नए नियमों में 75 प्रतिशत किसानों की लिखित सहमति और ग्राम पंचायत का प्रस्ताव आवश्यक होने के बावजूद चकबंदी विभाग के अधिकारी पुराने तरीके से प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं।
शिकायती पत्र में कहा गया है कि इस संबंध में पहले भी जिले से लेकर शासन स्तर तक कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा नए नियमों का पालन किए बिना मनमाने तरीके से चकबंदी की कार्रवाई की जा रही है। बताया कि किसी राजस्व ग्राम में चकबंदी प्रक्रिया लागू करने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत किसानों की लिखित सहमति के साथ ग्राम पंचायत का प्रस्ताव पारित होना जरूरी है।
उनका दावा है कि गांव के 75 प्रतिशत से अधिक किसान और खातेदार चकबंदी नहीं चाहते हैं। इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर शासन के नए नियमों के अनुसार किसानों की सहमति की स्थिति स्पष्ट कराने तथा धुरैटा और मिलक धुरैटा में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की है।