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Sambhal News: गलत मामला और पता बताने के बाद आलम को निजी अस्पताल में मिला था इलाज

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संभल। आलम को घायलावस्था में जब परिजन मेरठ के अस्पताल लेकर पहुंचे तो पता असमोली का बताया गया और गोली लगना आपसी विवाद में बताया। इसके बाद चिकित्सक ने उपचार शुरू किया। आलम के पिता यामीन का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे का उपचार छिपकर कराया था। बताया कि पुलिस ने बवाल में आरोपी भी बेटे को बनाया है। जिसका मामला विचाराधीन है।
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मालूम हो 24 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर ही कोर्ट कमिश्नर जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान भीड़ उग्र हो गई और बवाल हो गया। बवाल के दौरान गोली चली। इसमें पांच लोगों की जान गई। चार मृतकों के परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें एसआईटी ने जांच की तो शारिक साटा गिरोह प्रकाश में आया। गिरोह के तीन गुर्गे पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
गोली शारिक साटा ने चलवाई थी। उसकी साजिश का राजफाश हुआ तो पुलिस ने उसको भी आरोपी बनाया है। इस बवाल में एसपी समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस ने 12 एफआईआर दर्ज की थीं। जिसमें 2950 आरोपी बनाए गए थे। पुलिस 137 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। हालांकि 50 से ज्यादा आरोपी जमानत लेकर बाहर आ गए हैं।
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सांसद और जामा मस्जिद कमेटी के सदर पर है साजिश का आरोप
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ उसकी साजिश का आरोप सांसद जियाउर्रहमान बर्क व जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली पर लगा है। जफर अली जेल भेजे गए थे। फिलहाल जमानत पर हैं। सांसद को हाईकोर्ट ने राहत दी हुई है। इन दोनों के अलावा शारिक साटा को भी बवाल की साजिश का आरोपी बनाया गया है।
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न्यायिक जांच आयोग की टीम कर चुकी है रिपोर्ट तैयार
बवाल के बाद शासन की ओर से न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया था। इसमें पूर्व अधिकारी शामिल किए गए थे। जांच रिपोर्ट भी तैयार हो चुकी है। हालांकि अभी विधानसभा में पेश होनी बाकी है। इसमें आम लोगों के साथ अधिकारी व कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए थे। आयोग की ओर से अलग-अलग दौर में बयान लिए थे। लखनऊ में भी बुलाकर बयान दर्ज किए थे।
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