सपा के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि पुलिस-प्रशासन के अधिकारी संभल में कानून के साथ मजाक कर रहे हैं। संविधान की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जितना जुल्म करेंगे, उतना ज्यादा लोगों का हौंसला मजबूत होगा। जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की गिरफ्तारी पर सांसद ने दिल्ली में मीडिया को दिए बयान में कहा कि त्योहार के दिनों में गिरफ्तारी की गई है।
आगे कहा कि सदर के भाई मोहम्मद ताहिर ने कहा है कि उनके भाई के बयान न्यायिक जांच आयोग के सामने दर्ज किए जाने थे। उससे पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनकी कोई गलती नहीं थी। उन्होंने सच बोला इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ रहा है।
सांसद ने आगे कहा कि हमें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। सांसद के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पुलिस ने दिल्ली जाकर सांसद को थमाया नोटिस
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को बीएनएसएस 35 का नोटिस देने पुलिस की टीम मंगलवार को उनके आवास पर पहुंची। सांसद के दिल्ली में होने की जानकारी मिलने पर पुलिस बिना नोटिस तामील कराए लौट गई। हालांकि देर रात दिल्ली जाकर नोटिस साैंप दिया गया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि सांसद को बीएनएसएस 35 के तहत नोटिस जारी किया गया है। संभल बवाल की जांच कर रही एसआईटी सांसद को नोटिस रिसीव कराने उनके घर पर गई थी।
जानकारी मिली कि सांसद दिल्ली में हैं। टीम बिना नोटिस रिसीव कराए लौट आई। एसपी के मुताबिक संभल बवाल को लेकर सांसद के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज है उसमें विवेचक उनसे जांच में सहयोग चाहता है। इसलिए उनको बीएनएसएस 35 का नोटिस जारी किया गया है। एसपी ने बताया कि 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान जो बवाल हुआ था। उसमें एक एफआईआर मुकदमा अपराध संख्या 335/24 में दर्ज हुई थी।
जिसमें सांसद और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल नामजद आरोपी हैं। अन्य कई लोग अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। इस मुकदमे में जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट की भूमिका मिलने पर उनकी गिरफ्तारी की जा चुकी है।
उनके खिलाफ बवाल की साजिश रचने और गंभीर अपराध में झूठे बयान देने जैसे आरोप हैं। सांसद पर भड़काऊ भाषण देने और विधायक के बेटे पर बवाल भड़काने का आरोप है। सांसद की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखा है। हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही कार्रवाई आगे बढ़ रही है। बीएनएसएस 35 का नोटिस जारी कर जांच में सहयोग लिया जा रहा है।