चंदौसी। साथी अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लिए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भी जिला न्यायालय और तहसील के अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन किया और एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं रजिस्ट्री कार्यालय पर बैनामा आदि संबंधित कार्य ठप रहा।
शुक्रवार को भी सुबह साढ़े दस बजे करीब चंदौसी बार एसोसिएशन के अधिवक्ता जिला न्यायालय परिसर में एक हुए और न्यायालय गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद अधिवक्ता बाइकों से तहसील पहुंचे। जहां तहसील बार एसोसिएशन, रेवेन्यू बार एसोसिएशन की ओर से चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल हो गए और प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीम कार्यालय के बाहर पहुंच कर जमकर नारेबाजी की।
वहीं रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा संबंधित काम बंद रखा। इस दौरान चंदौसी बार के अध्यक्ष मो. नजर कुरैशी ने कहा कि शीघ्र ही मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। इस अवसर पर तहसील बार अध्यक्ष मुकेश पाल सिंह, रेवेन्यू बार अध्यक्ष तेजेंद्र देव सिंह, सचिव अरविंद कुमार, बार सचिव सचिन गोयल, राजेश कुमार यादव, विनोद कुमार सिंह, तीरथ राज यादव, सुभाष बाबू, दयासिंधु यादव, अर्पित कुमार सिंह, योगेश कुमार सिंह, ओमप्रकाश राणा, राजेश कुमार सिंह, नितिन सिंह विक्की, सुनील कुमार सिंह, मेहंदी हसन, कपिल गोस्वामी, रामजीमल, विनोद शर्मा समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
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महिला अधिवक्ताओं ने वादकारियों को न्यायालय जाने से रोका
चंदौसी। आंदोलन में महिला अधिवक्ता भी बढ़चढ़ कर सहयोग कर रही हैं। शनिवार को भी महिला अधिवक्ता जिला न्यायालय के गेट पर बैठ गईं और गेट का कुंडा लगा दिया। न्यायालय में आने वाले वादकारियों को न्यायालय में जाने से रोका। इस दौरान किशन शर्मा, इमराना, रागिनी वर्मा, आस्था सिंह राघव, पारूल शर्मा, पिंकी शर्मा, नीतू सिंह, पूनम रानी, रूखसार, नीतू श्रीवास्तव, शिमलेश यादव, रजनी शर्मा, रीता आदि मौजूद रहीं। संवाद
भाकियू ने दिया आंदोलन को समर्थन
भाकियू टिकैत के प्रदेश प्रमुख महासचिव विजेंद्र सिंह यादव ने शुक्रवार को तहसील में चल रहे अधिवक्ताओं के धरना स्थल पहुंच कर आंदोलन को समर्थन दिया। साथ ही कहा कि अधिवक्ताओं की हड़ताल से किसानों पर असर पड़ रहा है। उनके विवादों का निस्तारण नहीं हो रहा। प्रशासन के उच्चाधिकारियों को हस्तक्षेप कर आंदोलन खत्म कराना चाहिए।