बहजोई (संभल) । एसआईटी की जांच में मिले जिले में फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे 11 परिषदीय शिक्षकों में 8 शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से अलग-अलग थानों में शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को तहरीर दी गई हैं। तीन शिक्षकों के खिलाफ विभाग की ओर से अलग-अलग थानों में पहले ही रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में मिले बीएड के फर्जी डिग्री धारक 8 शिक्षकों में विकासखंड बहजोई में तैनात दिवाकर गुप्ता, दिशा वार्ष्णेय, सचिन गोयल व आलोक गोयल के अलावा विकासखंड गुन्नौर में तैैनात विनोद कुमार, विकासखंड जुनावई में तैनात संदीप कुमार व श्याम बिहारी, विकासखंड संभल में तैनात कल्पना के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करने के बाद संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
बीएसए ने बताया कि इससे पहले करीब चार माह पूर्व फर्जी डिग्री धारक तीन शिक्षकों में विकासखंड बनियाखेड़ा में तैनात शिक्षिका अलका व अर्चना तथा विकासखंड गुन्नौर में तैनात शिक्षक चेतनराज चौहान के खिलाफ पहले ही संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004-05 के बीएड डिग्री धारक 11 शिक्षकों की जिले में वर्ष 2010 से 2012 तक विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति हुई थी। इसके बाद एसआईटी की जांच में इन शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी मिली। इस पर शासन के निर्देश पर 21 सितंबर 2019 को सेवा समाप्त कर वेतन बाधित कर दिया गया था। इसके बाद अदालत से स्टे मिलने पर यह सभी शिक्षक वापस नौकरी पर आ गए थे। बाद में अदालत की सिंगल बेंच में हारने के बाद माह मई 2020 में दोबारा इन शिक्षकों की सेवा समाप्त कर एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके विरुद्घ सभी शिक्षक अदालत की डबल बेंच में गए। डबल बेंच में हारने के बाद 26 फरवरी 2021 को एक बार फिर इन शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी करते हुए एफआईआर के आदेश हुए थे। अब 4 मार्च 2021 को सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को फर्जी डिग्री धारक सभी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे।