धनारी थाना क्षेत्र के बिचपुरी भूड़ गांव में पच्चीस दिन एसिड अटैक का शिकार बने दलित ने गुरुवार आधी रात को दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस ने न तो तहरीर ली और न ही कोई कार्रवाई की थी। शुक्रवार को जब मृतक की पत्नी मौत की सूचना देने थाने पहुंची तो खलबली मच गई। पुलिस ने आनन फानन में गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
बिचपुरी भूड़ गांव निवासी अमर सिंह (48) पुत्र रामसरन 12 जुलाई को अपने घर में सो रहा था। रात्रि करीब बारह बजे अचानक कोई व्यक्ति उसके ऊपर तेजाब फेंक कर भाग गया। जलन से अमर सिंह चीखने लगा। परिजन व ग्रामीण दौड़े, लेकिन कुछ ग्रामीणों ने किसी प्रेतात्मा का कार्य बताकर मामला रफादफा करने की कोशिश की। उसका चेहरा, हाथपैर व पेट झुलस गया था। एंबुलेंस से उसे बहजोई लाया गया। यहां से उसे संभल ले जाया गया, जहां निजी चिकित्सालय में उसका उपचार चलता रहा।
13 जुलाई को अमर सिंह का बेटा इंद्रपाल तहरीर लेकर धनारी थाने गया लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। ना तो तहरीर ली और ना ही कोई रिपोर्ट दर्ज की। अभी चार दिन पहले ही डाक्टर ने अमर सिंह को घर ले जाने की सलाह दी। परिजन घर लाए लेकिन गर्मी की अधिकता के कारण अमर सिंह की हालत बिगड़ने लगी और चार अगस्त की मध्यरात्रि को अमर सिंह की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शुक्रवार को मृतक अमर सिंह की पत्नी रुमाली थाने में सूचना देने पहुंची तो खलबली मच गई। रूमाली की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ गैरइरादन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।