फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal News: डीपीओ कार्यालय में सरकारी बजट के दुरुपयोग के आरोप में गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति

Sat, 07 Mar 2026 01:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
बहजोई। जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में फर्जी बिल बनाकर सरकारी बजट की धनराशि के दुरुपयोग के आरोप को लेकर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए कार्यालय आदेश के पत्र के मुताबिक जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में कर्मचारी से लाखों रुपये के फर्जी बिल बनवाने का आरोप लगाया गया है। साथ ही, बजट की धनराशि ऐसे ही कागजों में निकाले जाने की बात कही गई है। इसके अलावा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में लाखों रुपये का बजट आया, लेकिन बजट की धनराशि अपने खास व्यक्ति की फर्म के अकाउंट में डलवा लिया गया। वहीं, सभी वित्तीय व स्टॉक रजिस्टर भी फर्जी तरीके से भरे जा रहे हैं। वास्तविकता में एक भी सामग्री कार्यालय में नहीं मिलेगी। इसके अलावा, जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किए गए कर्मचारियों से भी वित्तीय कार्य नहीं लिए जा रहे, क्योंकि उन्होंने फर्जी बिल पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया था। वहीं, जानकारी मिली है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जो पत्र निदेशालय को लिखा गया था, उसके क्रम में निदेशालय से कार्यालय में आए पत्र को लेने से मना करवा कर वापस करा दिया गया। इससे प्रतीत होता है कि शासन से प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेश पत्र के मुताबिक, पूरे मामले में तीन सदस्यीय समिति गठित करते हुए मुख्यालय की डिप्टी कलेक्टर नीतू रानी समेत कोषागार के सहायक कोषाधिकारी मुनीश्वर प्रकाश व जिला विकास अधिकारी कार्यालय के लेखाधिकारी योगेंद्र सिंह को पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में बीते तीन वर्षों में मदवार प्राप्त धनराशि के आय-व्यय के संबंध में जांच कर 15 दिन में आख्या उपलब्ध कराएं। वहीं पूरे मामले में, जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। कोई पत्र मिलेगा, तभी मामले की जानकारी हो सकेगी। संवादइसके अलावा, जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किए गए कर्मचारियों से भी वित्तीय कार्य नहीं लिए जा रहे, क्योंकि उन्होंने फर्जी बिल पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया था। वहीं, जानकारी मिली है कि जिला प्रोवेशन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए जो पत्र निदेशालय को लिखा गया था, उसके क्रम में निदेशालय से कार्यालय में आए पत्र को लेने से मना करवा कर वापस करा दिया गया। इससे प्रतीत होता है कि शासन से प्राप्त धनराशि का दुरुपयोग किया गया है।
डीएम की ओर से जारी किए गए आदेश पत्र के मुताबिक, पूरे मामले में तीन सदस्यीय समिति गठित करते हुए मुख्यालय की डिप्टी कलक्टर नीतू रानी समेत कोषागार के सहायक कोषाधिकारी मुनीश्वर प्रकाश व जिला विकास अधिकारी कार्यालय के लेखाधिकारी योगेंद्र सिंह को पूरे मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपते गई है। वहीं, जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि जिला प्रोवेशन अधिकारी कार्यालय में बीते तीन वर्षों में मदवार प्राप्त धनराशि के आय-व्यय के संबंध में जांच कर 15 दिन में आख्या उपलब्ध कराएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं पूरे मामले में, जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। कोई पत्र मिलेगा, तभी मामले की जानकारी हो सकेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें