चंदौसी। उपभोक्ता आयोग ने बिना नोटिस दिए ट्रक कब्जे में लेने के मामले में फाइनेंस कंपनी पर 6.05 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव गुमथल से जुड़ा है।
गांव गुमथल निवासी विनय शर्मा ने आजीविका चलाने के लिए एक कॉमर्शियल ट्रक खरीदने के लिए फाइनेंस कंपनी से 10,25,269 रुपये का ऋण लिया था। आरोप है कि ऋण लेने के बाद उन्होंने समय से ईएमआई का भुगतान करते हुए कुल ऋण राशि में से 2,26,000 रुपये जमा कर दिए थे। शेष 7,99,269 रुपये की अदायगी वह आगामी मासिक किस्तों में करने को तैयार थे।
परिवादी के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 की एक ईएमआई बाउंस होने के बाद फाइनेंस कंपनी ने उन्हें कोई सूचना या नोटिस दिए बिना अनुबंध की शर्तों के विपरीत कार्रवाई की। आरोप है कि एक जनवरी 2026 की शाम माल ढुलाई के बाद ट्रक आगरा से चंदौसी लौट रहा था, तभी कंपनी से जुड़े लोगों ने चालक को डराकर ट्रक अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही ढुलाई और किराए के रुपये भी जबरन ले जाने का आरोप लगाया गया।
घटना की जानकारी चालक ने विनय शर्मा को दी, जिसके बाद उन्होंने थाना बनियाठेर में तहरीर दी। आरोप है कि कार्रवाई न होने पर ट्रक वापस करने का अनुरोध भी किया गया, लेकिन कंपनी ने वाहन वापस नहीं किया। परिवादी ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रक के साथ तिरपाल, डीजल, वाहन के उपकरण और स्टेपनी टायर भी ले जाए गए तथा ट्रक कब्जे में लेने की कोई सूचना नहीं दी गई।
इसके बाद विनय शर्मा ने अधिवक्ता बीएल सागर के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। अधिवक्ता ने बताया कि दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आयोग ने 10 जून 2026 को आदेश दिया कि फाइनेंस कंपनी दो माह के भीतर वार्षिक ब्याज सहित 5.75 लाख रुपये अदा करे। इसके अतिरिक्त आयोग ने मानसिक कष्ट एवं आर्थिक हानि के मद में 25 हजार रुपये तथा वाद व्यय के लिए पांच हजार रुपये देने के निर्देश भी दिए।