चंदौसी। जनपद बने सात साल से अधिक समय हो चुका है लेकिन अभी तक जिले में एक रोडवेज डिपो की स्थापना नहीं हो सकी है। चंदौसी में जनपद न्यायालय है। दूर दराज से लोगों को तारीखों पर आना होता है। बसों की संचालन की स्थिति खराब है। दूसरी ओर विभागीय आदेशों के बावजूद चालक परिचालक, बसों को बाईपास होकर निकाल कर ले जाते हैं। गुन्नौर तहसील में रोडवेज बस स्टैंड तो है लेकिन उस पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। यह समस्या इस बार चुनावी मुद्दे के रूप में उठ रही है, प्रत्याशियों को जनसंपर्क दौरान इसका सामना करना पड़ रहा है।
28 सितंबर-2011 को जिले के सृजन का एलान हुआ। इसके बाद सात साल से अधिक समय बीत गया लेकिन जनपद स्तर की जो सुविधाएं संभल जिले को मिलनी चाहिए थी, उससे जनपदवासी आज तक महरूम हैं। जनपद मुख्यालय भले ही तय हो गया हो लेकिन आज तक किसी कार्यालय का निर्माण नहीं हुुआ है। जनपद में रोडवेज डिपो की भी स्थापना अभी तक नहीं हो सकी है। जब कि अन्य जिले जो संभल के साथ ही बनाए गए थे, उनमें डिपो बन चुका है।
यह हाल तब है जबकि वर्तमान सरकार में चंदौसी विधान सभा क्षेत्र की विधायक गुलाब देवी मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री हैं। राज्यमंत्री के घर से चंद कदमों दी दूरी पर चंदौसी के रोडवेज बस स्टैंड की चर्चा करें तो इसके हालात खस्ताहाल है।
यहां किसी तरह की कोई यात्री सुविधा नहीं है। यहां अलीगढ़, आगरा, हाथरस, हल्द्वानी आदि डिपो की बसें आती ही नहीं हैं। चालक इन बसों के यात्रियों को शहर से बाहर उतार कर बाईपास ले से ले जाते हैं।
रात में यात्रियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। शाम होते ही यह रोडवेज मयखाने में तब्दील हो जाता है। जनपद के तहसील गुन्नौर के रोडवेज बस स्टैंड पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। सिरसी में भी यही हाल है। संभल का बस स्टैंड भी किराए के भवन में संचालित हो रहा है, जहां कोई सुविधा नहीं है। चुनाव का समय है ऐसे में यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। अब प्रत्याशी वोट मांगने जाते हैं तो उन्हें इस मुद्दे से दो चार होना पड़ रहा है।
बबराला में करोड़ों की लागत का रोडवेज बना खंडहर
चंदौसी। बबराला में करोड़ों की लागत से बना रोडवेज बस स्टैंड आज खंडहर में तब्दील हो गया है। वर्ष 2005 में तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार ने राजघाट बबराला रोड पर करोड़ों की लागत से रोडवेज बस स्टैंड बना था। लेकिन आज तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका। इसीलिए शुरू भी नहीं हो सका। रोडवेज की बसें अब सड़क पर यात्रियों को उतारकर चली जाती हैं। अब यह रोडवेज बस स्टैंड खंडहर में तब्दील हो चुका है।