हरियाणा और दिल्ली से लाईं गईं गाड़ियों का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संभल के एआरटीओ कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराया गया। शक के आधार पर हुई छानबीन में जब एक मामला पकड़ा गया तो एआरटीओ ने दिल्ली और हरियाणा के अस्थायी पंजीकरण वाली गाड़ियों के रिकार्ड खंगाले। इस दौरन 41 गाड़ियों के पंजीकरण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराने की पुष्टि होने पर उनके पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। एफआईआर की तैयारी चल रही है।
संभल में पिछले एक वर्ष के दौरान हरियाणा से अस्थायी पंजीकरण पर करीब 50 लग्जरी गाड़ियां लाई गई थीं। इनमें फॉरच्यूनर, इनोवा, स्विफ्ट, वर्ना जैसी गाड़ियां थीं। गाड़ियों को दिल्ली और हरियाणा से अस्थायी पंजीकरण पर लाने के बाद संभल के एआरटीओ कार्यालय में स्थायी पंजीकरण कराया गया। एआरटीओ का माथा तब ठनका जब पंजीकरण के कुछ ही दिनों में एनओसी मांग कर यह गाड़ियां दूसरे जनपदों में बेची जाने लगीं। उन्होंने गाड़ियों के पंजीकरण के समय लगाए गए दस्तावेजों का सत्यापन कराया।
फरीदाबाद की जिस एजेंसी से गाड़ियों की खरीद दर्शाई गई थी उसने गाड़ियों की सेल से इनकार कर दिया। वहीं फरीदाबाद के आरटीओ कार्यालय ने अस्थायी पंजीकरण की पुष्टि नहीं की। जिससे फर्जीवाड़ा खुल गया। अब तक के सत्यापन में 41 गाड़िया ऐसी मिल चुकी हैं जिसमें खरीद के दस्तावेजों की संबंधित एजेंसियों और परिवहन कार्यालयों से पुष्टि नहीं हुई है। एआरटीओ छवि सिंह चौहान ने जिले के पुलिस अधीक्षक को तथ्यों के साथ एक रिपोर्ट भेजी है। जिसमें उन्होंने फर्जीवाड़े पर कार्रवाई की अपेक्षा की है।