बहजोई। बिना डिजिटल सिग्नेचर के अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए धनराशि नहीं जा सकेगी। इसके लिए ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव के डिजिटल सिग्नेचर होना जरूरी है। डिजिटल सिग्नेचर को लेकर संबंधित विकासखंड में बैठक आयोजित की जाएगी। डीपीआरओ की ओर से जिले भर के ग्राम प्रधानों व ग्राम सचिवों को पत्र जारी किया गया है।
जिले भर की ग्राम पंचायतों को 14वें वित्त आयोग के तहत पीएफएमएस पर आवंटित धनराशि के उपयोग के लिए डिजिटल सिग्नेचर जरूरी हैं। इसमें निदेशक पंचायती राज उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के मुताबिक जिला पंचायत राज अधिकारी दफ्तर से ग्राम प्रधानों व ग्राम सचिवों को पत्र जारी किया गया है। पत्र में बताया गया है कि अब 14वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को धनराशि पीएफएमएस के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। ग्राम पंचायतों को इस धनराशि का भुगतान डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से ही किया जा सकेगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि ग्राम पंचायतों को प्राप्त धनराशि तब तक प्राप्त नहीं की जा सकेगी, जब तक ग्राम पंचायत प्रधान व ग्राम सचिवों के डिजिटल सिग्नेचर तैयार नहीं हो जाते। बिना डिजिटल सिग्नेचर कोई भी ग्राम पंचायत किसी भी फर्म को भुगतान नहीं कर सकेगी।
डीपीआरओ ने बताया कि डिजिटल सिग्नेचर को लेकर सुबह नौ बजे से 24 जनवरी 2019 को विकासखंड गुन्नौर, रजपुरा, जुनावई व बहजोई में और 25 जनवरी 2019 को विकासखंड पवांसा, बनियाखेड़ा, संभल व असमौली में बैठक का आयोजन किया जाएगा।