गुन्नौर क्षेत्र के पतेही कायस्थ गांव में शनिवार को शाम करीब चार बजे ‘रंग में भंग’ पड़ गया। लगुन वाले घर में भोजन के लिए लगाए गए पंडाल के रस्से से खिंचकर मकान का छज्जा गिर गया।
इसके मलबे में दबकर दूल्हे के चाचा समेत तीन की मौत हो गई। इसके अलावा चार अन्य घायल गंभीर हैं, उनका अलीगढ़ में इलाज कराया जा रहा है। इस हादसे से घर में कोहराम मचा है। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। इधर, दूल्हे के पिता को दिल का दौरा पड़ गया, उनको भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जूनावई विकास क्षेत्र के पतेही कायस्थ गांव में पूरन सिंह यादव के बेटे प्रवेश यादव की शनिवार की शाम को लगुन चढ़ने वाली थी। दूर दराज से मेहमान आ चुके थे। इसके लिए गांव के लोगों की दावत भी होनी थी।
दावत का इंतजाम घर से कुछ दूरी पर स्थित जूनियर हाई स्कूल के पास ही पंडाल लगाकर किया गया था। पंडाल को रोकने के लिए एक रस्सी महेश सिंह पुत्र वीरेंद्र के मकान के छज्जे से बांध दी गई थी।
बताते हैं कि, शाम करीब चार बजे तेज हवा के झोंके के साथ पंडाल का खिंचाव बढ़ा तो छज्जा भरभराकर ढह गया और उसके नीचे बैठे लोग मलबे से दब गए। इस पर घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। घर में मौजूद मेहमान और ग्रामीण उधर दौड़े।
मलबा हटाकर दबे लोगों को निकाला लेकिन तब तक लटूरी सिंह यादव के तीस वर्षीय बेटे राजवीर सिंह उर्फ गट्टू (दूल्हे के चाचा) की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा ऋषिपाल (50) पुत्र खन्नू, प्रेम सिंह यादव (40) पुत्र बहादुर सिंह, जसपाल (20) पुत्र सुख देव, नीरज (19) पुत्र राजेंद्र, महेश (50) पुत्र रघुवीर, मनवीर (18) पुत्र राम सिंह घायल हो गए।
उन्हें जुनावई राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन सबको अलीगढ़ ले जा रहे थे, लेकिन ऋषिपाल और प्रेम सिंह ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
शेष चार घायलों को अलीगढ़ में इलाज कराया जा रहा है, हालांकि इनकी भी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस क्षेत्राधिकारी उमेश यादव ने बताया कि तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।