गेटवे अथवा ग्राम सचिवालय के कंप्यूटर के बजाय बाहरी कंप्यूटर से करीब 26 लाख रुपये की राशि का भुगतान करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सीडीओ ने जिले के छह ब्लॉकों की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ पत्र लिखा है।
ग्राम पंचायतों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर योजनाओं को अपलोड करने और काम होने के बाद ग्राम सचिवालय में रखे कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से भुगतान करने का प्राविधान है। हाल में पंचायती राज विभाग के निदेशक की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें जिले की 12 ग्राम पंचायतों के सचिवों की ओर से ग्राम सचिवालय में रखे कंप्यूटर सिस्टम की बजाय बाहरी कंप्यूटर से करीब 26 लाख रुपये की सरकारी राशि के भुगतान होने की बात सामने आई है, जो नियम विरुद्ध है।
सीडीओ गोरखनाथ भट्ट के मुताबिक, विकासखंड गुन्नौर की ग्राम पंचायत खजुरा में 45 हजार रुपये, जुनावई की दबथरा हरदयाल में 50 हजार हजार रुपये, बहजोई की ग्राम पंचायत आनंदपुर में आठ हजार रुपये, बहरौली ताहरपुर में 4.39 लाख रुपये, बढ़ेरिया में साढ़े 53 हजार रुपये, कुंवरपुर में करीब 25 हजार रुपये, मझौला में 3.56 लाख रुपये, मऊ कठैर में 3.96 लाख रुपये, पगौना में आठ हजार रुपये, बनियाखेड़ा की ग्राम पंचायत जनेटा में 8.38 लाख रुपये, पंवासा की ग्राम पंचायत एंचोली में 1.18 लाख रुपये और संभल की ग्राम पंचायत लोधी सराय में 2.79 लाख रुपये की राशि का भुगतान ग्राम सचिवालय की बजाय बाहरी कंप्यूटर से किया गया है।
कुल 26.18 लाख रुपये की राशि के भुगतान के लिए इन ग्राम पंचायतों के सचिवों समेत एडीओ पंचायत, डीपीएम व एडीपीएम आदि जिम्मेदार हैं। इसके चलते इन सचिवों समेत एडीओ पंचायतों, डीपीएम व एडीपीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है।