जगह जगह कंकड़ पत्थर श्रद्धालुओं को चुभेंगे। क्योंकि अधिकतर श्रद्धालु नंगे पैर ही चलते हैं। यह स्थिति तब है जब तीर्थ परिक्रमा समिति के पदाधिकारी प्रशासन से कई बार सड़क को ठीक कराने की मांग कर चुके हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। सड़क खराब होने से श्रद्धालु आहत हैं।
तीर्थ परिक्रमा वंशगोपाल तीर्थ से शुरू होगी। तीर्थ से मुख्य मार्ग को जोड़ने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क ऊबड़ खाबड़ हो गई है। कई वर्ष से इसकी मरम्मत नहीं हुई। प्रति वर्ष तीर्थ परिक्रमा शुरू होने से कुछ दिन पहले मार्ग को ठीक करने की मांग उठती है और परिक्रमा पूर्ण होने के बाद सभी लोग भूल जाते हैं। सड़क अभी तक ठीक न होने की यह मुख्य वजह है।
प्रशासन ही नहीं संभल तीर्थ परिक्रमा से जुड़े पदाधिकारी भी परिक्रमा मार्ग को ठीक कराने के लिए वर्ष भर पैरवी नहीं करते। अगर पैरवी करते तो शायद यह हालत न रहती। वंशगोपाल तीर्थ से निकल कर जब परिक्रमा के तहत श्रद्धालु बादल गुंबद तक पहुंचेंगे तो उन्हें माता वाली मढ़ैया में खराब मार्ग का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद श्रद्धालु जोया रोड होते हुए नाहरठेर पहुंचेंगे। इसके बाद श्रद्धालु फिरोजपुर होते मुरादाबाद रोड पार करेंगे।
मुरादाबाद संभल मार्ग से ही नीमसार तीर्थ के लिए यात्रा शुरू होगी। यहां यह बताना जरूरी है मुख्य मार्ग से नीमसार तीर्थ डेढ़-दो किलोमीटर है. सड़क कच्ची है। रोड़े पड़े हैं और गड्ढे भी हैं। नीमसार तीर्थ से अगला पड़ाव भवानीपुर होते हुए चंदायन तक का है। यह रास्ता भी खराब है।