चंदौसी/संभल। कोतवाली के वारिस नगर निवासी मारपीट के आरोपी निजी चिकित्सक की कोतवाली में हालत बिगड़ गई। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को इलाज कराने के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। सरकारी अस्पताल में उपचार के बाद उसे दिल्ली ले जाते समय उसकी मौत हो गई। जिससे पुलिस महकमे में भी खलबली मच गई। उधर, रिपोर्ट लिखाने वाले पक्ष के घर में आग लग गई, जिसमें हजारों का नुकसान हो गया। पुलिस ने अनुसार घर में खुद ही आग लगाई है।
कोतवाली के मोहल्ला वारिसनगर निवासी निजी चिकित्सक रागिब खान पुत्र साबिर खान के भतीजे का बुधवार की शाम मोहल्ले के एक मुन्नन खां से झगड़ा व मारपीट को गई थी। मुन्नन ने कोतवाली में रागिब व उसके भाई, भतीजे के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई। आरोप हैकि पुलिस पूछताछ के लिए रागिब को कोतवाली ले आई। रात 12.30 बजे रागिब की तबियत खराब होने लगी तो परिजन दवाई लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि जब वह दवाई लेकर पहुंचे तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों ने दवाई खिलाने से इंकार कर दिया और चिकित्सक को दिखाने के बाद ही दवाई खिलाने को कहा। गुरुवार की सुुबह आठ बजे रागिब का भतीजा अजहर चाय लेकर पहुंचा तो उसकी हालत बिगड़ती देख घबरा गया। पुलिस ने रागिब को अजहर के साथ उपचार के लिए भेज दिया। परिजन उसे एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से भी उसकी हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया, लेकिन दिल्ली के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की खबर आते ही पुलिस में भी खलबली मच गई और मुन्नन पक्ष में भी हड़कंप मच गया। इसी बीच मुन्नन के घर में आग लग गई। परिजन घर से भाग गए। कोतवाली प्रभारी ऋषिराम कठेरिया ने बताया कि रागिब को कोतवाली पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन उसके परिजनों को ही सौंप दिया गया था। मुन्नन के घर के आग लगी है, मौके पर जानकारी की गई तो आसपास के लोगों ने बताया कि रागिब के परिजनों की ओर से लिखे जाने वाले मुकदमे से बचने के चक्कर में गृह स्वामी ने खुद ही आग लगाई है।