चंदौसी। वन के बिना जीवन संभव नहीं है। उनका संरक्षण भी जरूरी हैं पर प्रशासन और वन विभाग हर हकीकत को जानते हुए भी लापरवाह हो रहे हैं। जिस अनुपात में गत वर्षों में पौधे रोपित किए गए हैं, इस जनपद में अब तक वन तैयार हो जाने चाहिए थे। गत वर्ष वन विभाग सहित 26 विभागों ने करीब 19 लाख पौधे रोपित किए गए।
उन पौधों में कितने जीवित बचे हैं, इसका किसी को पता नहीं हैं और इस वर्ष फिर से 23 लाख पौधे रोपित किए जाने की तैयारी चल रही है। अधिकारी पौधे लगवाकर भूल गए। देखरेख के अभाव में आधे से अधिक पौधे सूख गए अथवा टूट कर नष्ट हो गए हैं।
संभल जनपद में वर्ष 2020-21 में वन विभाग सहित 27 विभागों ने मिलकर 19 लाख 69 हजार, 26 पौधे रोपित किए थे। इनमें से वन विभाग ने अकेले करीब 2.50 लाख पौधे रोपित किए थे। पौध रोपण अभियान हाईवे किनारे, नहर पटरी किनारे, सड़क किनारे ग्राम समाज, पोखर, चरागाह, अन्य विभाग की जमीन, कब्जा मुक्त कराई गई जमीनों पर रोपित किए थे। अमर उजाला ने इनमें से कुछ स्थानों पर इसकी पड़ताल की, तो अधिकांश पौधे गायब मिले। जहां पौधरोपण किया था, वहां खुला मैदान पड़ा है।
अधिकांश पौधे गायब हैं। केवल उनके स्थान पर गड्ढे का निशान बचा है या टूटे हुए पेड़ का सूखा तना खड़ा दिखाई दिया। पौधे रोपित करने के बाद किसी ने उनकी तरफ पलटकर नहीं देखा। उसी की देखरेख, पानी के अभाव में अधिकांश पौधे सूख गए। कुछ पौधे को छुट्टा पशुओं ने नष्ट दिया या कुछ को किसानों ने उखाड़ दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी जमीन, चरागाह की भूमि में पौधे रोपण की जगह खाली मैदान दिखाई दे रहे हैं।
वर्ष रोपित पौधे
2018- 19 10.00
2019-20 14.00
2020-21 19.69
नोट: पौधों की संख्या लाख में और लगभग में हैं।
वन का दावा है कि उनके लगाए 85 फीसदी पौधे है जीवित
धरातल पर स्थिति भले ही कुछ हो, पर कागजों की स्थिति में हरियाली ही हरियाली है। वन विभाग के अफसरों का दावा है कि विभाग की ओर से ढाई लाख पौधे रोपित किए गए थे। इनमें से 85 फीसदी से अधिक पौधे जीवित हैं।
इस वर्ष 23.63 लाख पौधे लगाने की तैयारी
शासन से संभल जनपद को वर्ष 2021-22 में 23 लाख 63 हजार 83 पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला है। वन विभाग सहित सभी 27 विभाग फिर से तैयारी में जुटे हैं। एक जुलाई से सात जुलाई तक वन महोत्सव मनाया जाएगा और पौधरोपण अभियान की शुरूआत हो जाएगी। इसके बाद शासन स्तर से निर्धारित तिथि पर एक साथ एक ही दिन पौधे रोपित कर दिए जाएंगे।