चंदौसी(संभल)। 24 नवंबर को हुए बवाल के आरोपियों की 17 जमानत अर्जियां बृहस्पतिवार को खारिज कर दी गईं। आरोपियों को अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। अब तक 87 जमानत अर्जियां न्यायालय में दी गई थीं, जिनमें अब तक 59 अर्जियों पर सुनवाई हो चुकी है। सभी जमानत अर्जियां न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि अपर जनपद न्यायाधीश/रेप केसेज एंड पॉक्सो एक्ट निर्भय नारायण राय के न्यायालय में संभल बवाल के आरोपियों की 17 जमानत अर्जियों पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। जिसमें संभल थाने में दर्ज एफआईआर फैजान, समीर, मो. सलीम, सलमान, मो. हैदर, मो. रिहान, मो. फिरोज, मो. तहजीन, मो. आजिम, मो. बाबू, शारिक, मो. नईम, मो. गुलफाम, मो. अजीम, आफताब, आमिर तथा थाना नखासा से मो. अनस, सुभान उर्फ मुन्ना, मो. सुल्तान, आरिफ, सुल्तान उर्फ मुन्ना आदि के नाम शामिल हैं। 17 जमानत अर्जियां न्यायालय ने सुनवाई के बाद खारिज कर दीं। बताया कि अब तक न्यायालय में 87 जमानत अर्जियों में से 59 जमानत अर्जियों पर सुनवाई हो चुकी है। सभी खारिज हो चुकी हैं।
बता दें कि 19 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद के हरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए वाद दायर किया गया था। उसी दिन कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किए और शाम को कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने प्रशासन व पुलिस प्रशासन की मदद से जामा मस्जिद का सर्वे किया। 24 नवंबर की सुबह साढ़े सात बजे जब कोर्ट कमिश्नर दोबारा सर्वे करने पहुंचे तो बवाल हो गया था। जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी।