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बकाया भुगतान को लेकर भाकियू (अअ) ने शुरू की बड़े आंदोलन की तैयारी

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चंदौसी। आखिरकार पेराई सत्र बीत गया लेकिन वीनस शुगर मिल ने किसानों का बकाया भुगतान नहीं दिया। पेराई सत्र 2018-19 का करीब 55 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बाकी है। किसान परेशान हैं। जिसे लेकर अब भाकियू (अअ) ने आरपार की लड़ाई के लिए आंदोलन छेड़ने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। यह बेमियादी इस बार मेरठ स्थित चीनी मिल के हेड आफिस पर करने की तैयारी की जा रही है।
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भारतीय किसान यूनियन (अअ) के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि वीनस शुगर मिल मझावली ने वादे मुताबिक किसानों का बकाया भुगतान नहीं दिया है। गन्ना विभाग इस चीनी मिल से मिला हुआ है। गन्ना विभाग बता रहा है कि 54 करोड़ बकाया है लेकिन वास्तव में चीनी मिल पर 71 करोड़ बकाया है। वीनस शुगर मिल ने सात साल पहले जब गन्ना लिया था तो किसानों का भुगतान रोक कर डीपीएस खोले थे।
इस बार किसानों का भुगतान रोक कर मेरठ में बड़ा अस्पताल खोला जा रहा है। किसान भुगतान के लिए तरस रहे हैं। जिलाधिकारी की बैठकों में जिला गन्नाधिकारी चीनी मिल की वकालत करते हैं। किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि चीनी मिल के खिलाफ कई सालों से आरसी जारी है। यही हाल मुरादाबाद की दीवान शुगर मिल का है। इस मिल का भी हेड आफिस मेरठ में ही है।
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चीनी भी सब बेच दी है, सिर्फ 17 हजार क्विंटल वीनस मिल के पास शेष है। किसानों से संपर्क शुरू कर दिया गया है। जुलाई माह में एक बड़ा आंदोलन वीनस व दीवान शुगर मिल के खिलाफ चलाया जाएगा। इस बार बेमियादी आंदोलन चीनी मिलों के मेरठ कार्यालय पर किया जाएगा। जब तक भुगतान नहीं होगा, तब तक लगातार आंदोलन जारी रहेगा।

-वीनस शुगर मिल पर करीब 54 करोड़ रुपये का बकाया है। चीनी बेचकर 2017-18 सत्र के बकाया 96 करोड़ का भुगतान दिलाया गया है। मिल के पास अभी 17 हजार क्विंटल चीनी शेष है। चीनी मिल को शीघ्र किसानों का बकाया भुगतान करने को लिखा गया है। ऐसा नहीं होने पर मिल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-कुलदीप सिंह, जिला गन्नाधिकारी संभल।
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