चंदौसी। सोत नदी को पुनर्जीवित करने के प्रति जिला प्रशासन गंभीर हो गया है। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह की विशेष रुचि के बाद जिले भर में जहां से भी सोत नदी गुजर रही है, उन सभी गांवों में सीमांकन के लिए एक-एक राजस्व निरीक्षक की अगुवाई में चार-चार लेखपालों की टीमों का गठन कर दिया है। उनकी तिथिवार ड्यूटियां लगाई गई हैं। रविवार को भी सोत नदी के सीमांकन का कार्य जारी रहा।
कभी जिले को हरा भरा रखने का दम भरने वाली सदानीरा सोत नदी का अतिक्रमणकारियों के कारण अस्तित्व संकट में आ गया। कभी हजारों बीघा खेती को सिंचित करने वाली नदी अब कहीं कहीं पतली नालियों के रूप में सांकेतिक रूप में दिखाई दे रही है। अमर उजाला के कहां गए जलस्रोत अभियान में सोत नदी पर फोकस किया गया तो जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लिया।
इसके बाद सोत नदी को पुनर्जीवित करने का प्रण लिया गया। नदी का सीमांकन कार्य शुरू करा दिया गया है। सोत नदी जिले के करीब चालीस से अधिक गांवों के रकबे को छू रही है। नदी जहां से भी गुजर रही है, इसका डाटा संकलन कर लिया गया है। इसका मानचित्र भी तैयार कर लिया गया है। सभी गांवों में सीमांकन के लिए एक राजस्व निरीक्षक की अगुवाई में चार चार लेखपालों की टीमें गठित कर ली गई है।
जिनकी तिथिवार ड्यूटियां लगा दी गई हैं। जिसमें रविवार को भी सीमांकन का कार्य जारी रहेगा। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने बताया कि सोत नदी को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्जीवित करने के प्रयासों के तहत सीमांकन कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। सीमांकन के बाद नदी के दोनों किनारों पर पौधरोपण कराया जाएगा। जिससे छाया तो मिलेगी ही, नदी का सौंदर्यीकरण भी होगा और नदी की हदबंदी भी हो जाएगी। उसके अंदर कोई अतिक्रमण नहीं कर सकेगा।
अभी सीमांकन के बाद सभी अतिक्रमणकारियों को सूचीबद्ध कर उन्हें बेदखल करके नदी को कब्जा मुक्त तो किया ही जाएगा। साथ ही अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमणकारी कितना भी प्रभावशाली हो, उससे सख्ती से निपटा जाएगा। एक बार फिर सोत नदी को जिले में सदानीरा का स्वरूप मिल सकेगा।
रविवार को भी जारी रहा सोत नदी का सीमांकन
चंदौसी। तहसील क्षेत्र के लेखपाल राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश पर जितनी भी टीमें चंदौसी तहसील क्षेत्र में गठित की गई हैं, वह सभी टीमें लगातार सीमांकन का कार्य कर रही है। चंदौसी के धनेटा सोतीपुरा, पतरासी, घोसीपुरा, अहमदनगर थरेसा, थरेसा जय सिंह, एतोल, बुद्धनगर खड़ुवा, कैथल, बर्रई में सीमांकन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। रविवार को नगला खाकम, सिंहपुर, अल्लीपुर बुजुर्ग व काजी बेहटा गांव में सीमांकन का कार्य किया गया है।
सोत नदी पर शीघ्र ही धरातल पर दिखेगा कार्य
-प्रत्येक दशा में सोत नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा। कई सरकारी विभागों व जन सहयोग की सहभागिता से मनरेगा आदि रोजगारपरक के माध्यम से सोत नदी को फिर से जलप्लावित करने की दिशा पर काम हो रहा है। जिससे पर्यावरण भी शुद्ध हो सकेगा। दोनों ओर छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों की टीमें युद्ध स्तर पर सीमांकन का कार्य कर रही हैं। शीघ्र ही धरातल पर भी कार्य दिखने लगेगा। - अविनाश कृष्ण सिंह, जिलाधिकारी संभल।