संभल। वीएन कराजिन खारकिव नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहे पांच विद्यार्थियों ने यूक्रेन में हुए धमाकों की जानकारी परिजनों को देते हुए कहा कि भारतीय समय के अनुसार सुबह साढ़े सात बजे युद्ध शुरू हुआ। हालातों के बारे में बताया कि धमाके के बाद कोई नहीं सो सका। खिड़की से बाहर का माहौल देखा तो भगदड़ मची हुई थी। हालात देखते हुए सभी खौफ में हैं। विद्यार्थियों ने अभिभावकों से घर बुलाने की बात कही है। शहर युद्ध क्षेत्र से 30 किलोमीटर दूर बताया। यूक्रेन में जिले के 13 विद्यार्थी फंसे हैं। सभी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
गांव हाजीपुर निवासी इमरान के अनुसार उनके बेटे मोहम्मद शादमान ने बताया कि यूक्रेन के समयानुसार बृहस्पतिवार की सुबह पांच बजे (भारतीय समयानुसार करीब साढ़े सात बजे) तेज धमाकों के साथ बेड हिल गया। बाहर देखा तो भगदड़ मची हुई थी। तभी युद्ध शुरू होने की जानकारी मिली। धमाके के बाद हास्टल में कोई नहीं सो सका। कहा कि किसी तरह उसे घर बुला लिया जाए। गांव मदाला निवासी अदनान पुत्र मोहम्मद असरार ने दिन में ढाई बजे परिजनों को बताया कि पूरे शहर में भगदड़ मची हुई है। वह और उसके साथी मोहम्मद आतिफ पुत्र आसिफ और बदरूद्दीन पुत्र गुलाम साबिर भी परेशान हैं। सभी ने घर बुला लिए जाने की बात कही।
चंदौसी क्षेत्र के जनेटा गांव निवासी मोहम्मद कैस ने अपने सुबह अपने पिता हाफिज एजाज को बताया कि विश्वविद्यालय दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है और कक्षाएं ऑनलाइन चलेंगी। अगले आदेश के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मोहम्मद शारिक ने अपने भाई मोहम्मद आसिफ को बताया कि मार्शल लॉ घोषित हो चुका है जिससे हालात में तनाव की स्थिति है। ये दोनों पोल्टावा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं जो युद्ध क्षेत्र यहां से करीब 400 किलोमीटर बताया गया है। इसी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे मोहम्मद शुऐब ने अपने पिता मुजफ्फर हुसैन को हालात ज्यादा खराब न होने लेकिन बाजार बंद होने की जानकारी दी। युद्ध क्षेत्र से करीब 800 किलोमीटर दूर कीव शहर में पढ़ाई कर रहे गांव रुकनुद्दीन सराय निवासी मोहम्मद फैजान ने अपने पिता को हालात सामान्य होने की जानकारी दी। बताया कि बाजार एहतियातन बंद कर दिए गए हैं। गांव राया बुजुर्ग निवासी अबुल हसनान ने अपने भाई अबुल वकार को बताया कि यहां हमला तो नहीं हुआ है लेकिन विमान सेवाएं बंद होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। गांव सदीरनपुर निवासी मोहम्मद साकिब ने अपने भाई आकिब को बताया कि हालात को देखते हुए टिकट कराने का प्रयास कर रहा है। गांव परियावली निवासी मोहम्मद शुऐब के ताऊ युनूस ने बताया कि हर दिन बात चल रही है। हालात तो सामान्य हैं लेकिन युद्ध के चलते चिंता सता रही है।