चंदौसी। एआर कोल्ड स्टोर में हादसे के दौरान बची हुई बिल्डिंग के 12 पैनल खुल गए थे। प्रशासन ने चिलिंग प्लांट शुरू करा दिया था, पर कूलिंग नहीं हो रही थी। बृहस्पतिवार को शीतगृह के पैनल बंद कराकर उनकी मरम्मत कराई गई, इसके बाद कूलिंग शुरू हो सकी। किसानों के भंडारित आलू के खराब होने की आशंका है।
चंदौसी में 16 मार्च को एआर कोल्ड स्टोर का एक चैंबर गिर गया था। शीतगृह का पुराना भवन यथावत खड़ा रह गया था। उसकी बिजली की लाइट खराब हो गई थी तथा अन्य समस्याएं भी आ गई थी। उसमें किसानों का करीब 54.30 मीट्रिक टन आलू भंडारित है। हादसे के तीसरे दिन ही बिजली केबिल डलवाकर आपूर्ति शुरू करा दी थी। चिलिंग प्लांट चलाने के लिए दो ऑपरेटर भी बदायूं के सिसरका से बुला लिए थे। चिलिंग प्लांट चालू होने के बाद भी कूलिंग नहीं हो पा रही थी।
वहां तैनात स्टाफ ने मंगलवार को उसको दिखाया, तो शीतगृह के छठी मंजिल यानी छठी रैक के सामने 12 पैनल खुले मिले। यह पैनल सिलिकॉन के बने हुए होते थे तथा दीवार के अंदर ही कूलिंग को रोकते हैं। इनके खुले होने से अंदर भंडारित आलू के खराब होने की आशंका थी। बुधवार को टीम उसे सही करने में लगी रही। बृहस्पतिवार को किसी तरह से पैनल को बंद किया गया तथा पेंच लगाकर उन्हें कसा गया। इसके बाद चिलिंग प्लांट को शुरू किया गया।
कम करने के लिए ऊपर जाने से डर रहे थे मजदूर
यह पैनल क्षतिग्रस्त चैंबर की ओर से खुले थे। गाडर से उखड़ने से पैनल खुले थे। अब पैनल की मरम्मत करने के लिए मजदूर व अन्य कारीगर ऊपर चढ़ने को तैयार नहीं थे। उनकी आंखों के सामने हादसे का मंजर घूम रहा था। वहां मौजूद पहले से काम करने वाले एक ऑपरेटर ने हिम्मत जुटाई और ऊपर जाकर देखा। इसके बाद काम हो सका।
सभी शीतगृहों की जांच रिपोर्ट नहीं हुई जमा
शीतगृह हादसे के बाद डीएम ने तीन सदस्यीय कमेटी को सभी 56 शीतगृहों की जांच के निर्देश दिए थे। तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट जमा करनी थी। चार दिन बाद भी सभी शीतगृहों की जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय में जमा नहीं हो पाई। अभी डीएम कार्यालय में करीब 52 शीतगृहों की जांच रिपोर्ट पहुंची है।