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1.79 करोड़ की पेयजल योजना, एक माह भी नहीं मिला पानी, नौ साल से ठप,

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गांव रजपुरा में बना ओवरहेड टैंक - फोटो : CHANDAUSI
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गुन्नौर(संभल)। स्वच्छ पेयजल योजना पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से आमजन को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। ग्राम पंचायत रजपुरा इस बात का उदाहरण है, जहां ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 1.79 करोड़ रुपये खर्च तो किए गए, इस दौरान ओवरहेड टैंक का निर्माण कराकर गांव की गलियों में पाइप लाइन भी बिछाई गई लेकिन पानी की आपूर्ति एक माह भी नहीं की जा सकी। पाइपलाइनों में लीकेज की समस्या आने से बीते नौ वर्षों से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप है। जबकि शुद्ध पानी पाने के लिए साठ लोगों ने कनेक्शन भी ले लिया था।
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गुन्नौर तहसील क्षेत्र के रजपुरा गांव की आबादी करीब 14 हजार है। ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 2012-13 में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए ओवरहेड टैंक बनाकर गांव की गलियों में पाइप लाइन बिछाई गई। इस प्रोजेक्ट में करीब 1.79 करोड़ रुपये की लागत आई थी। ओवरहेड की क्षमता करीब 400 किलो लीटर है। इस टैंक से सार्वजनिक स्थलों पर टोंटी लगाकर सप्लाई दी गई। टेस्टिंग के बाद पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने परियोजना का लोकार्पण किया, जल निगम ने उसे ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दिया। लेकिन एक माह भी नहीं बीता पाइप लाइन में लीकेज के चलते जलापूर्ति जो ठप हुई तो आज नौ वर्ष के बाद भी नहीं शुरू हो सकी। हालांकि ग्रामीणों ने इस योजना का लाभ पाने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों से मांग की, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं दिया।
रजपुरा गांव के प्रधान तसलीम अहमद ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू कराने के लिए करीब छह माह पहले स्टीमेट बनाकर प्रस्ताव जिला पंचायत राज विभाग को भेजा गया है। पाइप लाइन शुरू करने में करीब 12 से 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसका 25 प्रतिशत खर्च ग्राम पंचायत और 75 फीसदी खर्च जलनिगम को वहन करना होगा। स्टीमेट के प्रस्ताव पर अभी तक कोई जबाव नहीं मिला है।
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जबकि जिला पंचायत राज अधिकारी संभल जाहिद हुसैन ने बताया कि ग्राम पंचायत रजपुरा में पानी के लिए बने ओवरहेड टैंक के खराब होने का मामला मेरे संज्ञान में हैं। ग्राम पंचायत की ओर से प्रस्ताव मेरे पास नहीं आया है। प्रस्ताव आने पर उसे जल्द ही पास कराकर काम कराया जाएगा।
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