संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर/देवबंद। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर कोतवाली देवबंद में तीन उपनिरीक्षकों सहित 12 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध षड्यंत्र रचकर जीशान हैदर की हत्या करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मुठभेड़ के आरोपी मुख्य आरक्षी सुखपाल सिंह को शुक्रवार रात ब्रेन हेमरेज हो गया, उसका शहर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचार चल रहा है।
रविवार को कोतवाली देवबंद में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर उपनिरीक्षक ओमबीर सिंह, यशपाल सिंह, असगर अली, मुख्य आरक्षी सुखपाल सिंह व कुंवर भरत सिंह, आरक्षी प्रमोद कुमार, विपिन कुमार, नीटू यादव, बृजेश कुमार, देवेंद्र, राजवीर सिंह और अंकित कुमार के विरुद्ध षड्यंत्र रचने और हत्या करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनके अलावा कई अन्य धाराएं भी लगी हैं। एसएसपी डाक्टर विपिन ताडा ने बताया कि अदालत के निर्देश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
ब्रेम हेमरेज का शिकार हुआ सुखपाल सिंह (53) गोपाली पुलिस चौकी पर तैनात है। पुलिस के मुताबिक, जीशान हैदर की मौत के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश होने के बाद से सुखपाल तनाव में था। एसपी देहात सूरज राय ने बताया कि सुखपाल एक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस कर्मियों का हो सकता है निलंबन
जीशान हैदर की मौत के मामले में नामजद किए उपनिरीक्षक अलग-अलग स्थानों पर तैनात हैं। उपनिरीक्षक यशपाल सिंह थाना बड़गांव में तैनात हैं, असगर अली बादशाही बाग और ओमबीर सिंह की चुनाव सेल में तैनात है। सूत्र बताते हैं कि नामजद 12 पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, जिनको जल्द निलंबित किया जा सकता है। एसएसपी डा. विपिन ताडा का कहना है कि जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी: अफरोज
मृतक जीशान हैदर की पत्नी अफरोज ने कहा कि जिसने गलत किया, उसको सजा मिलनी चाहिए। वह रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए जाने पर अदालत का आभार जताती हैं। उनकी इंसाफ की लड़ाई जारी रहेगी।
पुलिस ने किया था गोतस्करों से मुठभेड़ का दावा
सहारनपुर। पांच सितंबर 2021 को हुई घटना में पुलिस ने दावा किया था कि वह गांव थीतकी में गोकशी की सूचना पर पहुंची थी, वहां गोतस्करों से मुठभेड़ हो गई थी। मुठभेड़ में जीशान हैदर पैर में गोली लगने से घायल हो गया था, उपचार के दौरान अधिक खून बह जाने से उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने कहा था कि भागते समय जीशान के हाथ में तमंचा था, जिससे चली गोली उसके पैर में लगी और दहशत के चलते उसकी मौत हो गई थी। संवाद
पत्नी ने लगाया था घर उठाकर ले जाने का आरोप
सहारनपुर। जीशान की पत्नी अफरोज ने पुलिस के दावे को झूठा बताते हुए आरोप लगाया था कि पुलिस पूछताछ के नाम पर उसके पति को घर से बुलाकर ले गई थी और जंगल में ले जाकर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। अफरोज ने केंद्रीय गृहमंत्री सहित मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग और मानवाधिकार आयोग में इंसाफ की गुहार लगाई थी। अदालत में भी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सीजेएम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और 24 घंटे में पुलिस को आख्या प्रस्तुत करने आदेश दिए थे। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। संवाद