कंवरपाल के परिजनों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। वह हलवाई के पास मजदूरी करता था। उसकी मौत के बाद उसकी पत्नी और चार बच्चों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उसके छोटे बच्चे की उम्र चार और सबसे बड़े बच्चे की उम्र 16 साल है। इनमें दो बेटियां और दो बेटे हैं। एसओ प्रमोद रावल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
समुंद्रसोख की वजह से डूबा कंवरपाल
जिस तालाब में डूबने से कंवरपाल की मौत हुई है, उसे समुंद्रसोख (जंगली जलीय पौधा) ने अपनी चपेट में ले रखा है। ग्रामीणों की माने तो लंबे अरसे से तालाब की सफाई भी नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कंवरपाल तैरना जानता था और दो साल पहले उसने दूसरे तालाब में डूब रहे एक युवक को बचाया भी था। ऐसे में यदि तालाब की सफाई हुई होती तो उसकी जान बच सकती थी। ग्रामीणों में इस दौरान प्रधान के भी मौके पर न पहुंचने को लेकर आक्रोश दिखाई दिया। हालांकि ग्राम प्रधान साजिद अंसारी का कहना था कि वे हादसे के वक्त बाहर थे।