सहारनपुर। गांव की सरकार का मुखिया बनने के लिए युवाओं में भी गजब का उत्साह है। वे केवल वोट डालने तक ही सीमित नहीं रहना चाहते हैं। नामांकन के दूसरे दिन ब्लाक मुख्यालयों पर ग्राम प्रधान पद के लिए बहुत से ऐसे युवाओं ने नामांकन पत्र दाखिल किए। ये युवा चुने जाने पर अपने गांवों की तस्वीर बदलने के जज्बे के साथ जोश से भरे दिखाई दिए।
साढ़ौली कदीम के गांव चाटकी निवासी रेशमा पुत्री सलीम ने ग्राम प्रधान पद हेतु अपना नामांकन पत्र जमा कराया। 22 वर्षीय रेशमा ने हाईस्कूल तक शिक्षा प्राप्त की है। रेशमा का कहना है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं है। यदि जनादेश मिला तो वह ग्राम प्रधान बनकर सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत में राजकीय इंटर कॉलेज बनवाने का काम करेंगी। क्षेत्र में शिक्षण संस्थान न होने के कारण अधिकतर बालिकाओं की शिक्षा अधूरी रह जाती है। इसके साथ ही वह युवा जोश के साथ गांव के विकास के लिए पूर्ण प्रयास करेगी।
रामपुर मनिहारान ब्लाक की ग्राम सभा सांवत खेड़ी से 21 वर्षीय रूमा ने ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन किया है। स्नातक तक पढ़ी रूमा ने बताया कि यदि वह ग्राम प्रधान चुनी जाती है तो वह गांव में सरकार की कल्याणकारी सभी योजनाओं का लाभ पात्र ग्रामीणों को दिलाने का काम करेंगी। गांव से निरक्षरता मिटाने, पेयजल समस्या, महिलाओं को उनका हक दिलाना प्राथमिकता में होगा। अपने गांव को आदर्श पंचायत बनाना सपना है। इसे पूरा करने के लिए ही वे चुनावी समर में उतरी हैं।
नागल विकास खंड क्षेत्र के गांव सोहन चिड़ा निवासी 22 वर्षीय असजद उर्फ मोनू पुत्र अमजद ने ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन किया है। स्नातक तक पढ़े असजद की बड़ी बहन अंतस समा इससे पहले गांव की प्रधान थी। विगत वर्ष उसकी शादी हो गई । असजद ने बताया कि वह अपनी बहन की तरह ही गांव के लोगों की सेवा करने के लिए चुनाव में उतरे हैं। वे मानते हैं कि युवा को अपनी ऊर्जा का इस्तेमाल समाज सेवा के लिए करना चाहिए।
साढ़ौली कदीम के गांव मुर्तजापुर निवासी 25 वर्षीय मिथलेश पत्नी अनुज अपने तीन माह के बच्चे को गोद में लेकर नामांकन जमा कराने पहुंची। इंटरमीडिएट तक पढ़ी मिथलेश का कहना है कि उनके गांव को तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाला मार्ग जर्जर हालत में है। प्रधान बनने पर सबसे पहले वह जर्जर मार्ग की मरम्मत व रास्ते में लगने वाली बरसाती नदी का रपटा बनवाने प्राथमिकता में होगा। उन्होंने बताया कि महिलाएं आत्मनिर्भर हों और समाज सेवा के क्षेत्र में भी आगे आएं, तभी महिला सशक्तिकरण का नारा सार्थक होगा।
मुर्तजापुर निवासी मिथलेश- फोटो : SAHARANPUR
सोहनचिडा निवासी असजद उर्फ मोनू- फोटो : SAHARANPUR
सावंतखेड़ी निवासी रुमा- फोटो : SAHARANPUR
चाटकी निवासी रेशमा- फोटो : SAHARANPUR