सहारनपुर में आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे यूपी ओलंपिक संघ के सचिव और वाराणसी जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरएस यादव अब भी दोनों खेल संघों में पदों पर बने हुए हैं।
शुक्रवार को सहारनपुर पहुंचे यूपी ओलंपिक संघ के सह सचिव आनंदेश्वर पांडेय ने पत्रकार वार्ता में बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल होते ही यादव को संघ से बाहर कर दिया जाएगा।
पांडेय ने बताया कि खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए सुविधाएं जरूरी हैं, जो पैसे से आती हैं। खेल संघों के पास अपना कोई पैसा नहीं होता। इसीलिए वह अपने साथ आईएएस, आईपीएस या पीसीएस अधिकारियों को जोड़ लेती हैं, जिनकी वजह से खिलाड़ियों को मदद मिलती रहती है।
खिलाड़ियों की आर्थिक मदद के लिए ही आरएस यादव को संघ से जोड़ा गया था। मगर उस समय तक उन पर किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं था। अब मामला चल रहा है, मगर जब तक आरोप सिद्ध न हो जाए तब तक कोई भी कार्रवाई करना जल्दबाजी होगा।
उन्होंने बताया कि चार्जशीट दाखिल होते ही उनको खेल संघों से बाहर कर दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने खेल विभाग में भ्रष्टाचार पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुछ खेल अधिकारी खिलाड़ियों के हक को मारकर अपनी जेबें गर्म कर रहे हैं, जिनको चिह्नित कर कार्रवाई किया जाना जरूरी है।
इससे पहले जिला ओलंपिक संघ के सचिव डॉ. एके गुप्ता के आवास पर पांडेय का खेल संघों से जुड़े लोगों ने मालाएं पहनाकर और बुके देकर सम्मानित किया। आनंदेश्वर पांडेय इस समय उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ और हैंडबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के सह सचिव हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ में संयुक्त सचिव, हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष और साउथ एशियन हैंडबॉल फेडरेशन के ट्रेसरर हैं। इस दौरान डॉ. एके गुप्ता, डॉ. संदीप गुप्ता, गुलाब सिंह राणा, लाल धर्मेंद्र प्रताप, रविकांत धीमान, सोनवीर सिंह, मनीष कुमार, मुस्तकीम अंसारी रहे।