मत्था टेककर मांगी परिवार की सुख समृद्धि की कामना
बड़गांव (सहारनपुर)। जड़ौदा पांडा के जूड़ मंदिर के वार्षिक उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा नारायण दास की समाधि पर मत्था टेककर मन्नतें मांगी। समाधि के दर्शन करने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रही। मंदिर समिति की ओर आयोजित भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
अषाढ़ शुक्ल पक्ष के आखिरी रविवार को मंदिर के वार्षिक उत्सव में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। बाबा की समाधि पर दूर दराज से श्रृद्धालु प्रसाद चढ़ाने पहुंचते हैं। रविवार को प्रसाद चढ़ाने के लिए मंदिर परिसर में श्रृद्धालु लंबी लाइनों में खड़े अपनी बारी का इंतजार करते रहे। प्रसाद चढ़ाने के श्रृद्धालुओं ने मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे का प्रसाद चखकर धर्म लाभ कमाया।
पांच गांव में नहीं रुकते श्रद्धालु
महंत सेवादास ने बताया कि बाबा नारायण दास के मंदिर में प्रसाद चढ़ाने के बाद इस प्रसाद को जड़ौदा पांडा सहित आसपास के पांच गांव जयपुर, घिसरपड़ी, किशनपुरा, शेरपुर में नहीं रखा जा सकता अन्यथा यह प्रसाद खराब हो जाता है। भाजपा के पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा, उप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी, देवबंद विधायक कुंवर बृजेश सिंह के पिता डॉ. राजकुमार रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी, अनिरुद्ध त्यागी, रिषीपाल राणा ने भी बाबा की समाधि पर मत्था टेककर भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
वार्षिकोत्सव उत्सव के दौरान हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, दिल्ली सहित कई प्रदेशों के श्रृद्धालुओं ने भागेदारी की। इससे पूर्व रात भर राधा कृष्ण संगीत मंडली द्वारा मंदिर में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान शालू त्यागी, आदेश त्यागी, अमित कुमार, आदित्य, सुमित, संदीप, विदुर, दिनेश, आमोद, अरविंद त्यागी, आनंद त्यागी आदि का सहयोग रहा।
श्रद्धालुओं ने नहीं किया कोविड गाइड लाइन का पालन
जूड़ मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का ध्यान नहीं रखा। सुबह के वक्त तो कुछ देर के लिए भक्त संक्रमण से बचाव के उपाय हाथ सैनिटाइज करने, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी को अपनाते दिखे। लेकिन दोपहर होते-होते नियमों को ताक पर रख दिया गया। हालांकि मेला परिसर में समिति द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था।