चिलकाना/ अंबेहटा/ सरसावा/ नकुड़ (सहारनपुर)। जिले के देहात में जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई। विद्वानों ने कहा शौच धर्म का वास्तविक अर्थ मन वचन काया से घृणित एवं कुसित्स विचारों को त्यागना है।
सुल्तानपुर के जैन मंदिर में दसलक्षण महा पर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की पूजा की गई ।जयपुर से पहुंचे पंडित साकेत जैन शास्त्री जी ने कहा उत्तम शौच धर्म का अर्थ है शुचिभूत होना। आत्मा का स्वरूप ही शौच धर्म है, इसीलिए ज्ञानी महामुनि इसी का ध्यान करते हैं। अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार जैन, उपाध्यक्ष बिजेंद्र जैन, महामंत्री निशांक जैन, श्रीयांश जैन, मोहित जैन, पंडित रोहित जैन, मनोज जैन, रोहित जैन, महिला मंडल से श्रीमति राजेश जैन, पारुल जैन, चंदन जैन, कुसुमलता जैन, सुरभी जैन, तनुजा जैन रहे।
चिलकाना के जैन मंदिर में पं. सुपनेश शास्त्री ने श्री जी का अभिषेक तथा पूजन कराया। इसमें अरविंद जैन, राकेश जैन, देवेंद्र जैन, अनुज जैन, अनुपम जैन, विनय जैन, कुसुम जैन, साधना जैन आदि रहे।
अंबेहटा में अरुण जैन, सीमा जैन, दीपिका जैन आदि ने सत्य धर्म की चर्चा की। अखिलेश सिंह, विरेंद्र जैन, अजनेस जैन, मनोज जैन, बॉबी जैन, सुलेख जैन, सीमा जैन, दीपिका जैन, शेफाली जैन, निखिल जैन, मुकेश जैन रहे।
सरसावा और नकुड़ में पर्वतराज पर्यूषण पर्व के चौथे दिन उत्तम शौचं: धर्म की पूजा कर बताया मन को निर्मल बनाने का प्रयास ही उत्तम शौचं: है। जैन मिलन के वरिष्ठ सदस्य पंकज जैन व राजेश जैन राजू ने बताया इसी कड़ी में रात्रि में महिला जैन मिलन द्वारा सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान, सम्यक चारित्र पर आधारित प्रतियोगिता कराई। इसमें नियति जैन प्रथम, वाणी जैन द्वितीय व सिद्धि जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मुकेश जैन, पीयूष जैन, शिवम जैन, राजेश जैन, सुनील जैन, विवेक, मनोज, संजय जैन, संजीव, वर्धन, सरिता जैन, वर्षा जैन, सारिका, निशा, सोनिया, राखी जैन, प्रतिभा, वंश, माही, अपूर्वा गुनगुन, प्रत्यक्ष आदि रहे।
सुल्तानपुर में पूजा अर्चना करते जैन साधक- फोटो : SAHARANPUR