सहारनपुर का काष्ठ हस्तशिल्प उत्पाद
सहारनपुर। इस्राइल-हमास और रूस-यूक्रेन युद्ध का खामियाजा सहारनपुर के काष्ठ हस्तशिल्प उद्याेग को भुगतना पड़ रहा है। इसके चलते जनपद से होने वाले काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात 50 फीसदी तक घट गया है। ऐसे में इससे जुड़े कारोबारियों और हस्तशिल्पियों के सामने संकट पैदा हो गया है। पहले की तरह उन्हें ऑर्डर ही नहीं मिल रहे।
दरअसल, परंपरागत नक्काशी के लिए विख्यात जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पाद दुनिया भर में खासे पसंद किए जाते हैं। जिले में यह उद्योग न सिर्फ करीब डेढ़ लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहा है, बल्कि करीब 900 से 1200 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा भी अर्जित कर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है।
जिले के कई परिवारों की पीढ़ी दर पीढ़ी काष्ठ हस्तशिल्प उद्योग से जुड़ी हुई है। यहां के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का कारोबार करीब 1400 से 1600 करोड़ रुपये वार्षिक है।
काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात अमेरिका में 45 से 50 प्रतिशत, यूरोपीय देशों में 20 से 25 फीसदी और मध्य पूर्व के देशों में 10 से 15 प्रतिशत होता है।