सहारनपुर में तलवारें लहराती महिलाएं।
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सहारनपुर के देवबंद में विवादों में घिरी निर्माता संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत की रिलीज के विरोध में बृहस्पतिवार को रणखंडी गांव में राजपूत समाज की महिलाओं ने हाथों में तलवार लहराकर जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही भंसाली का पुतला फूंककर अपना विरोध दर्ज कराया।
बृहस्पतिवार को रणखंडी गांव के बीच में राजपूत समाज की महिलाओं ने पुरुषों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं हाथों में तलवार लहराकर फिल्म पद्मावत के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग कर रही थी। हंगामा प्रदर्शन के बीच महिलाओं ने निर्माता संजय लीला भंसाली के पुतले को आग के हवाले किया।
महिलाओं ने कहा कि निर्माता ने फिल्म पद्मावत में राजपूत समाज के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की है। रानी पद्मावती के चरित्र को तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। इसलिए उक्त फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगनी चाहिए।
वहीं राजपूत समाज के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने राजपूत बाहुल्य गांव में चौकसी बढ़ा दी है। एसडीएम रामविलास यादव व सीओ सिद्धार्थ सिंह दिनभर पुलिस बल के साथ राजपूत गांवों में भ्रमण कर स्थिति का पता लगाने में जुटे रहे। एसडीएम ने बताया कि रणखंडी गांव में जिन लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया है
उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। उच्चाधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, राष्ट्र निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह ने राजपूत समाज के लोगों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति के साथ अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है।
कहा कि राजपूत समाज अपने आंदोलन को अपील तक सीमित रखे। तोड़फोड़ व आगजनी जैसे घटनाओं का बिल्कुल भी सहारा न ले। वहीं, स्थानीय अभिसूचना इकाई के अधिकारियों ने रणखंडी में पुतला दहन व विरोध प्रदर्शन करने वाले 8-9 लोगों को चिह्नित किया है। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।