ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर सबसे पहले देवबंद से मुस्लिम महिलाओं ने आवाज बुलंद की है। शनिवार को जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात के बैनर तले महिलाओं ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीन तलाक कानून की हिमायत में दिए बयान और लोकसभा में पारित हुए तीन तलाक बिल को रद्द किए जाने की मांग को लेकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया।
शनिवार को जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून के नेतृत्व के दर्जनों मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक बिल वापस करो और राष्ट्रपति के अभिभाषण की निंदा करने संबंधी नारे लिखी तख्तियां हाथों में लेकर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान दारुल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य अंजर हुसैन मियां साहब ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें कहा गया कि प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज एक्ट 2017 को जल्दबाजी में लोकसभा में पेश किया गया तथा इसको तैयार करने में किसी मुस्लिम आलिम-ए-दीन और जिम्मेदारों से कोई मशविरा नहीं लिया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ऐसे बिल की कोई जरूरत नहीं थी।
जामिया इल्हामिया मदरसातुल बनात की प्रबंधक खुर्शीदा खातून ने कहा कि लोकसभा में पेश किया गया बिल राज्यसभा में लटका हुआ है। जबकि देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस बिल का समर्थन कर रहे हैं जो सरासर निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को मुस्लिम महिलाएं किसी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगी। इसलिए इस बिल को राज्यसभा में हरगिज पेश न किया जाए। बल्कि इसे सिरे से रद्द कर दिया जाए। इस मौके पर सबा हसीब सिद्दीकी, जैनब, रुबीना शहजाद, सफ्फाना, फरीदा, अय्यूब बेग, परवीन, खुर्शीदा खान, शाजिया, शबाना, तबस्सुम, शहाना, जारा, अदीबा, सुमैय्या, रुकैय्या, सबा, शमा, फरहाना आदि मौजूद रहे।