देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि मुरादाबाद के पाकबड़ा स्थित मुस्तफा मस्जिद के मामले में पुराने शो-कॉज नोटिस का वापस लिया जाना हमारी कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण प्रगति है।
मौलाना महमूद मदनी ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एमडीए ने नोटिस को अस्पष्ट बताते हुए उसे वापस लेने और कानून के अनुसार नया नोटिस जारी करने की बात कही है। कहा कि यह मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है और आगे लंबी कानूनी प्रक्रिया बाकी है। जमीयत का उद्देश्य केवल मस्जिद का संरक्षण करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी नागरिक या धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ही हो।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मामलों में प्रशासन को अधिक सावधानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को कानून के तहत अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद मुस्तफा मस्जिद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रखेगी और आवश्यकता पड़ने पर सभी उपलब्ध कानूनी उपायों का इस्तेमाल करेगी।