सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में मरीजों को फ्री में एमआरआई की सुविधा मिलने में देरी हो रही है। पूरी धनराशि मिलने के बाद भी भवन निर्माण का काम पूरा नहीं हो सका है। सुविधा मिलने में देरी से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में जाकर एमआरआई कराने में जेब ढीली करनी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित की जानी है। इसका ठेका एक कंपनी को दिया गया है। एमआरआई के लिए अस्पताल परिसर में आई ओटी के सामने बिल्डिंग बनाई जा रही है। बिल्डिंग पर 90 लाख रुपये खर्च होने हैं। पहली किस्त 45 लाख रुपये पहले ही मिल चुकी थी। अब दूसरी किश्त के 45 लाख रुपये भी प्राप्त हुए कई दिन बीत चुके हैं। खास बात यह है कि इस बिल्डिंग का निर्माण छह माह से भी अधिक समय से चल रहा है, जो अभी तक 70 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सका है। सूत्रों की मानें तो बिल्डिंग को पूर्ण होने में अब भी कई महीने लग जाएंगे। निर्माण में लेटलतीफी और अन्य तरह की लापरवाही के चलते एमआरआई सुविधा मिलने का इंतजार और लंबा होता जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकारी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा मुफ्त होने से ऐसे प्राइवेट अस्पतालों का धंधा चौपट हो जाएगा, जो एमआरआई के नाम पर मोटी रकम तीमारदारों से वसूल रहे हैं।
दस हजार रुपये तक की जांच होगी फ्री
विशेषज्ञ चिकित्सक ने बताया कि एमआरआई दो तरह का होता है। पहला सामान्य और दूसरा कंट्रास्ट। एमआरआई सिर, छाती, जोड़ों और पूरे शरीर का होता है। प्राइवेट अस्पतालों में इसकी जांच चार हजार रुपये से दस हजार रुपये तक है। कई प्राइवेट डॉक्टर इससे भी अधिक वसूलते हैं, जिसकी वजह से गरीब और मध्यम वर्गीय मरीज जांच नहीं करा पाते हैं। मगर जिला अस्पताल में यह सुविधा फ्री मिलेगी।
मंडल का पहला अस्पताल होगा
एसबीडी जिला अस्पताल एमआरआई की सुविधा वाला मंडल का पहला सरकारी अस्पताल होगा। मशीन की कीमत डेढ़ से दो करोड़ रुपये है। प्राइवेट अस्पतालों की बात करें तो जनपद के मात्र दो अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल में सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को पैसे के अभाव में भटकना नहीं पड़ेगा।
एक घंटे में जांच रिपोर्ट मिलेगी
विभागीय सूत्रों ने बताया कि जनपद में जिन अस्पतालों के पास एमआरआई की सुविधा है। उनके पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। ऐसे में रिपोर्ट बाहर से बनकर आती है, जिसमें 24 घंटे या उससे अधिक समय लगता है। मगर जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन के साथ पूरा स्टाफ होगा। रेडियोलॉजिस्ट मुंबई और लखनऊ में बैठेंगे, जहां से अधिकतम एक घंटे में रिपोर्ट आ जाया करेगी।
इनको मिलेगी सुविधा
जिला अस्पताल में फ्री एमआरआई की सुविधा केवल उन मरीजों को मिलेगी, जिनको जिला अस्पताल के चिकित्सक लिखेंगे। यदि किसी मरीज का इलाज प्राइवेट चिकित्सक के यहां चल रहा है और चिकित्सक एमआरआई लिखता हैै तो उनको यह सुविधा नहीं मिलेगी। सुविधा के लिए जिला अस्पताल या फिर जनपद की किसी भी सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक से लिखवाना जरूरी होगा।
एमआरआई के लिए बिल्डिंग बन रही है। जहां बिल्डिंग बन रही है उसके नीचे से पानी की पाइपलाइन गुजर रही थी, जिसे दूसरी ओर स्थापित कराया गया है। बिल्डिंग का 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। अगले दो माह में बिल्डिंग बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएगी, जिसके बाद एमआरआई की मशीन स्थापित कर सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
डॉक्टर एसके वार्ष्णेय, सीएमएस।