सहारनपुर। आगरा में तैनाती के दौरान मेडिकल एजेंसियों व दवा फर्मों की जांच में लापरवाही बरतने पर औषधि निरीक्षक को शासन ने निलंबित कर दिया है। औषधि निरीक्षक के निलंबन से थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन का काम अटक गया है। नया थोक ड्रग लाइसेंस तभी बन पाएंगे, जब सत्यापन का काम पूरा होगा। ऐसे में समस्या खड़ी हो गई है।
शासन की ओर से की गई कार्रवाई में आरोप है कि औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा ने आगरा में तैनाती के दौरान सरकारी दायित्व का निर्वहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया था। शासन ने काम में लापरवाही मानते हुए औषधि निरीक्षक कपिल शर्मा को निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई सहारनपुर में रहते हुए औषधि निरीक्षक पर हुई है। वहीं, बीते दिनों शासन से पत्र जारी हुआ था कि जिले में सभी थोक ड्रग लाइसेंसधारियों का सत्यापन किया जाए।
जिले में अब तक करीब 200 थोक ड्रग लाइसेंस के सत्यापन का काम पूरा हुआ है, जबकि 1500 से अधिक थोक लाइसेंस ऐसे हैं, जिनका सत्यापन होना बाकी है। इनका सत्यापन होने के बाद ही नए थोक ड्रग लाइसेंस जारी होंगे। औषधि निरीक्षक के निलंबन से सत्यापन का काम बीच में ही अटक गया है। अभी तक न तो नई तैनाती हुई है और न ही अन्य औषधि निरीक्षक को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। थोक ड्रग लाइसेंस बनवाने वालों की समस्या बढ़ गई है।
आगरा के किसी प्रकरण में औषधि निरीक्षक पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। अभी जिले में नई तैनाती नहीं हुई है। थोक ड्रग लाइसेंस सत्यापन का काम चल रहा था।
नरेश मोहन दीपक, सहायक आयुक्त औषधि