सहारनपुर। बबीता गुप्ता का परिवार ढमोला नदी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र न्यू साकेत कॉलोनी में रहता है। उनका कहना है कि क्षेत्र में नगर निगम की सुविधाएं अधूरी हैं। बाढ़ से बचाव के इंतजाम तक नहीं हैं, लेकिन टैक्स चार से छह गुणा तक बढ़ा दिया गया है। जीआईएस सर्वे के बाद नगर निगम ने सबसे पहले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस भेजे थे, जिनमें बढ़ा हुआ गृहकर एवं जलकर देखने के बाद व्यापारी आंदोलन पर उतर आए। अब निगम आवासीय भवनों को नोटिस भेज रहा है, जिनमें कई लोगों के घरों का गृहकर एवं जलकर पांच से दस गुणा तक बढ़ गया है। यानी अगर टैक्स दो हजार रुपये आता था तो वह दस से 15 हजार रुपये तक हो गया है। महिलाएं भी बजट बढ़ने से परेशान हैं।
उनका कहना है कि पति कमाकर लाता है, लेकिन घर का हिसाब उनके ही हाथ में रहता है। किसी तरह वह दस-दस रुपये बचाकर काम चलाती हैं। अगर गृहकर एवं जलकर ही दस से 15 हजार रुपये तक आएगा, तो इससे उनके घर का बजट ही गड़बड़ा जाएगा।