सहारनपुर शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर निकली तो बाजार में खलबली मच गई। सड़क पर अतिक्रमण करने वाले अधिकांश लोगों ने टीम को आता देख अपना सामान खुद ही समेट लिया। कई ने तो दुकान ही बंद कर दी।
इस दौरान सड़क पर बने मंदिर की एक ओर की दीवार टूट जाने पर लोगों ने जमकर हंगामा किया। प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया और जानबूझकर मंदिर की दीवार तोड़ने का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार लगभग 12 बजे पुलिस अधीक्षक यातायात ओमवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुनीति, सिटी मजिस्ट्रेट हरि शंकर, नगर निगम के सहायक अभियंता बिजेंद्र सिंह एवं विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की टीम दो जेसीबी लेकर घंटाघर से अस्पताल चौक की ओर निकली।
सड़क पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के दल को आता देख अतिक्रमणकारियों में खलबली मच गई। मिनटों में ही सड़क का सामान दुकानों में समा गया। पूरी सड़क खाली हो गई।
जहां हर समय जाम की स्थिति रहती है, वहां इतनी चौड़ी सड़क देख अधिकारी भी हैरान रह गए। अधिकारियों ने वाहनों को सड़क पर खड़ा न कराए जाने की हिदायत दी और जो भी सामान सड़क पर मिला जब्त कर लिया।
कुछ दुकानदारों और चिकित्सकों ने नाले के ऊपर स्थाई निर्माण कर रखा था। जिन्हें शुक्रवार तक सड़क पर हुए स्थाई अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए।
जैसे ही टीम बाजोरिया रोड स्थित गांधी जनरल गिफ्ट कलेक्शन गिफ्ट सेंटर पर किए गए स्थाई निर्माण को तोड़ने के लिए पहुंची तो दुकानदार, प्रशासनिक अधिकारियों से भिड़ गया। उसने निर्माण को तोड़े जाने का विरोध किया।
लेकिन अधिकारियों ने उसकी एक नहीं सुनी। स्थाई निर्माण को तोड़ने के दौरान जेसीबी का किनारा सड़क पर बने छोटे मंदिर की दीवार से टकरा गया, जिससे एक ओर की दीवार टूट गई। जिस पर दुकानदार और भी भड़क उठा।
उसने अधिकारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। उसने प्रशासन पर जानबूझ कर मंदिर की दीवार तुड़वाने का आरोप लगाया। कुछ ही देर में दुकानदार ने अन्य लोगों को भी बुला लिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक हंगामा हुआ।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को उनसे पीछा छुड़ाना भारी पड़ गया। किसी प्रकार अधिकारी वहां से बचकर निकल पाए। सड़क किनारे बने छोटे मंदिर की एक ओर की दीवार टूट जाने के कुछ ही देर में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और जय श्रीराम के नारे लगाने शुरू कर दिए।
उनकी अधिकारियों से जमकर नोकझोंक हुई। अधिकारियों ने उन्हें समझाबुझा कर शांत किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद हिंदू संगठन के लोग शांत हो गए। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस ने तुरंत ही मंदिर की टूटी दीवार का निर्माण करा दिया।
कुछ दुकानदारों और चिकित्सकों ने जनरेटर सड़क पर और नाले पर स्थाई रूप से रख लिए थे। डाकघर का भी जनरेटर नाले पर ही रखा हुआ था। कुछ लोगों ने प्याऊ की टंकी सड़क पर ही रख लिए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने सड़क पर और नाले पर रखे जनरेटर को हटाने के लिए शुक्रवार का समय दिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट हरि शंकर का कहना है कि गलती से जेसीबी निकलते समय मंदिर की दीवार टूट गई थी, जिसे ठीक करा दिया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान लगातार चलता रहेगा और शुक्रवार तक का समय दिया गया है। सड़कों पर अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।